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Dehradun News: पांच किसान भाइयों की 10 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच, हाईवे चौड़ीकरण के दौरान हड़पा मुआवजा
Sun, 02 Apr 2023 12:04 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 02 Apr 2023 12:04 PM IST
सार
आरोप है हाईवे चौड़ीकरण के दौरान अपनी जमीन को आवासीय दर्शाकर करोड़ों से अधिक का मुआवजा हासिल किया। मामले में प्रशासन की ओर से 50 लोगों के खिलाफ 10 मार्च को पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : Social Media
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विस्तार
एनएच 74 घोटाले के आरोपी किसान पांच भाइयों की 10 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अटैच कर लिया है। ईडी ने यह कार्रवाई अमृतसर पंजाब में उनके पैतृक गांव में की। आरोप है कि इन्होंने हाईवे चौड़ीकरण के दौरान अपनी खेती की जमीन को आवासीय दर्शाकर करोड़ों रुपये अधिक का मुआवजा हासिल किया था।
अन्य आरोपियों के साथ उनके नाम भी पंतनगर थाने में दर्ज मुकदमे में शामिल हैं। ईडी अभी इस मामले में और भी कार्रवाई कर सकती है। नेशनल हाईवे-74 चौड़ीकरण में भूमि मुआवजा घोटाला 2017 में सामने आया था। आरोप लगे थे कि अधिकारियों की मिलीभगत से बहुत से किसानों को जरूरत से अधिक मुआवजा वितरित किया गया।
शासन की ओर से 50 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
इस मामले में प्रशासन की ओर से 50 लोगों के खिलाफ 10 मार्च 2017 को पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इन नामजद लोगों में 40 से ज्यादा किसान शामिल थे। इनमें मूल रूप से अमृतसर के वलाह गांव के रहने वाले पांच भाइयों अजमेर सिंह, सुखदेव सिंह, गुरवैल सिंह, सुखवंत सिंह और सतनाम सिंह के नाम भी शामिल थे। इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया था।
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आरोप है कि इन्होंने पंतनगर के पास अपनी खेती की जमीन को बैक डेट में आवासीय भूमि श्रेणी में शामिल कराने का आदेश जारी कराया था। इससे उन्हें खेती की जमीन के बजाय आवासीय भूमि का मुआवजा दिया गया। जब जांच हुई तो पता चला कि उन्होंने सरकार से निर्धारित मूल्य से 15.73 करोड़ रुपये अधिक हासिल कर लिए। उनके नाते रिश्तेदारों के खातों की भी जांच हुई।
पता चला कि मुआवजे की इस राशि से उन्होंने अपने पैतृक गांव में बहुत सी चल और अचल संपत्तियां खरीदी हैं। इसकी जांच भी ईडी कर रही थी। ईडी से मिली जानकारी के अनुसार इस कार्रवाई में इन पांचों भाइयों की 7.89 करोड़ रुपये की अचल और 2.40 करोड़ रुपये की चल संपत्ति को अटैच किया गया है। मामले में अभी जांच की जा रही है।
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अन्य आरोपियों के साथ उनके नाम भी पंतनगर थाने में दर्ज मुकदमे में शामिल हैं। ईडी अभी इस मामले में और भी कार्रवाई कर सकती है। नेशनल हाईवे-74 चौड़ीकरण में भूमि मुआवजा घोटाला 2017 में सामने आया था। आरोप लगे थे कि अधिकारियों की मिलीभगत से बहुत से किसानों को जरूरत से अधिक मुआवजा वितरित किया गया।
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शासन की ओर से 50 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
इस मामले में प्रशासन की ओर से 50 लोगों के खिलाफ 10 मार्च 2017 को पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इन नामजद लोगों में 40 से ज्यादा किसान शामिल थे। इनमें मूल रूप से अमृतसर के वलाह गांव के रहने वाले पांच भाइयों अजमेर सिंह, सुखदेव सिंह, गुरवैल सिंह, सुखवंत सिंह और सतनाम सिंह के नाम भी शामिल थे। इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया था।
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आरोप है कि इन्होंने पंतनगर के पास अपनी खेती की जमीन को बैक डेट में आवासीय भूमि श्रेणी में शामिल कराने का आदेश जारी कराया था। इससे उन्हें खेती की जमीन के बजाय आवासीय भूमि का मुआवजा दिया गया। जब जांच हुई तो पता चला कि उन्होंने सरकार से निर्धारित मूल्य से 15.73 करोड़ रुपये अधिक हासिल कर लिए। उनके नाते रिश्तेदारों के खातों की भी जांच हुई।
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पता चला कि मुआवजे की इस राशि से उन्होंने अपने पैतृक गांव में बहुत सी चल और अचल संपत्तियां खरीदी हैं। इसकी जांच भी ईडी कर रही थी। ईडी से मिली जानकारी के अनुसार इस कार्रवाई में इन पांचों भाइयों की 7.89 करोड़ रुपये की अचल और 2.40 करोड़ रुपये की चल संपत्ति को अटैच किया गया है। मामले में अभी जांच की जा रही है।