उत्तराखंड में ATM हैकरों की 'महालूट', हैकरों की स्टाइल और थीम से मिला अहम सुराग
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देहरादून के कई खातों से जिस तरह से जयपुर में रुपये निकाले जा रहे हैं। इस मामले में हैकरों की स्टाइल और थीम से अहम सुराग हाथ लगा है।
जिस प्रकार इन दिनों एक के बाद एक लोगों के एटीएम से पैसे निकलने की घटनाएं सामने आई हैं। ठीक वैसा ही डेढ़ साल पहले नैनीताल और भीमताल में हुआ था। उस समय कई खाताधारकों के पैसे उड़ाए गए थे। हैकरों की स्टाइल और थीम एक ही है। कयास लगाया जा रहा है कि हरियाणा का एटीएम चिप गैंग कहीं देहरादून तो नहीं पहुंच गया है।
नैनीताल और भीमताल क्षेत्र के दर्जनों खाताधारकों के पैसे डेढ़ साल पहले लगातार निकाले जा रहे थे। पुलिस और बैंक अधिकारी भी हैकरों के कारनामों से परेशान हो गई थी। चंद दिनों में एटीएम से हैकरों ने लाखों रुपये निकाल लिए थे। इस मामले में तत्कालीन एसएसपी स्वीटी अग्रवाल की ओर से गठित एसआईटी ने जांच की। दिल्ली पुलिस का सहयोग लिया गया।
हैकरों ने 11 दिसंबर 2015 को एटीएम में लगाई थी डिवाइस
जांच में हरियाणा और दिल्ली के अपराधियों के नाम सामने आए, लेकिन काफी खोजबीन के बाद उनका पता नहीं चल सका। टीम ने यह बताया था कि किस प्रकार नैनीताल में डिवाइस लगाकर हैकरों ने एटीएम के पासवर्ड हासिल किए।
दिल्ली पुलिस से एटीएम से पैसे निकालने वालों के फुटेज भी मिले थे। दोनों का मिलान करने पर पता चला कि डिवाइस लगाने वाली टीम और पैसा निकालने वाले हैकरों की टीम अलग-अलग है।
ATM जालसाजी से बचने के लिए आवश्यक उपाय
जब आप एटीएम मशीन में जाते हैं तो वो सामान्य सी दिखती है, लेकिन वो एटीएम मशीन धोखाधड़ी के पूरे साजो-सामान से लैस हो सकती है। एटीएम मशीन में जहां आप कार्ड एंटर करते हैं वहां इस हाई टेक ट्रिक में एक पोर्टेबल स्कैनर फिक्स कर दिया जाता है। स्कैनर की बनावट एटीएम मशीन से मिलती-जुलती होती है।
आपको अंदाजा भी नहीं लगा पाता कि यह एक स्कैनर है। सामान्य तौर पर कार्ड एंट्री पॉइंट पर लाइट जलती रहती है, लेकिन स्कैनर में लगी एलईडी लाइट हमेशा ऑफ रहती है। इसे हमेशा ध्यान में रखें। इसके अलावा एटीएम मशीन के की बोर्ड के ठीक ऊपर जांच लें कि कहीं कोई कैमरा तो नहीं लगा है।
ऐसे में ध्यान रखें कि कोड नंबर डायल करते समय हाथ से ढक लें ताकि कैमरा भी नंबर को पकड़ न सके। बिना सिक्योरिटी गार्ड वाले एटीएम से पैसे न निकालें। एटीएम से छेड़छाड़ का शक होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें और अपना एटीएम कार्ड नंबर, आधार कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर पूछने पर भी न बताएं।