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इस किसान ने किया ऐसा काम, अब किसानों की होगी इनकम डबल

Mon, 29 May 2017 10:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला,देहरादून Updated Mon, 29 May 2017 10:02 PM IST
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atar singh did a fantastic job after 50 Quintal production of tomato
किसान अतर सिंह चौहान - फोटो : amarujala

देश में किसानों की वर्ष 2022 तक आय दोगुनी कैसे की जा सके इसे लेकर केंद्र की ओर से मंथन किया जा रहा है, कृषि वैज्ञानिकों एवं विश्वविद्यालयों से इसके लिए सुझाव मांगे गए हैं, लेकिन देहरादून में एक किसान अतर सिंह चौहान ने यह कर दिखाया है। उसने एक बीघा भूमि पर टमाटर का सीजन में 50 क्विंटल से अधिक का उत्पादन किया है। जबकि दून में औसतन मुश्किल से 25 क्विंटल का उत्पादन होता रहा है।   

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किसानों की कृषि, बागवानी और पशुपालन से वर्ष 2022 तक दोगुनी आय को लेकर केंद्र की ओर से कवायद की जा रही है। उसकी ओर से इसके लिए इस क्षेत्र के विशेषज्ञों से रिपोर्ट मांगी गई है। उत्तराखंड में कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक इसके लिए कई बैठकें कर चुके हैं।
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जो इसी 31 मई को केंद्र को अपनी रिपोर्ट सौंपने जा रहे हैं। उन्होंने कृषि व इससे जुड़े क्षेत्र से दोगुनी आय को लेकर कई सुझाव तैयार किए हैं, लेकिन कालसी के व्यासभूड गांव के किसान अतर सिंह चौहान ने यह कर दिखाया है। कृषि वैज्ञानिकों एवं जलागम के सहयोग से उसने टमाटर की उन्नत प्रजाति की खेती की।
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इसके लिए समय-समय पर कृषि वैज्ञानिकों के सुझाव पर कीटनाशकों का प्रयोग किया और कभी दो से तीन क्विंटल उत्पादन लेने वाले किसान ने एक बीघा में टमाटर का 50 क्विंटल से अधिक उत्पादन कर दिखाया है। हालांकि क्षेत्र में सिंचाई की समस्या के चलते उसे कुछ परेशानी उठानी पड़ी।

क्या कहना है अतर सिंह का, पढ़ें

atar singh did a fantastic job after 50 Quintal production of tomato
टमाटर की खेती

किसान अतर सिंह चौहान के मुताबिक क्षेत्र में सिंचाई के पानी की बहुत अधिक समस्या है। फसलों के लिए कई बार किसानों को बारिश के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। अतर सिंह के मुताबिक वह आठवीं पास हैं और पिछले सात साल से खेती करते आ रहे हैं।

शुरूआत में मुश्किल से 25 क्विंटल तक उत्पादन हुआ, लेकिन टमाटर की नई प्रजाति सक्षम एवं दीपांकर से टमाटर का अच्छा उत्पादन हुआ। किसान के मुताबिक टमाटर उत्पादन के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा.एसएस सिंह और जलागम के उप परियोजना निदेशक डा.डीएस रावत का सहयोग मिला। 

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा.एसएस सिंह के मुताबिक किसानों की दोगुनी आय के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय की ओर से केंद्र को कुछ आवश्यक सुझाए दिए जा रहे हैं। इसके लिए कई बैठकों के बाद जल्द ही केंद्र को रिपोर्ट भेजी जानी है।

दोगुनी आय के लिए जरूरी है कि किसानों को तकनीकी की जानकारी के साथ ही अधिक उत्पाद देने वाली प्रजातियां उपलब्ध कराई जाएं, उन्हें पोषक तत्व प्रबंधन, सब्जियों में कीटनाशकों एवं फफूंद नाशकों के विवेकपूर्ण प्रयोग की जानकारी दी जाए, सिंचाई प्रबंधन के साथ ही उन्हें बिचौलियों से बचाया जाए। 

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