हरिद्वार: 'ऊं' के उच्चारण के साथ हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में प्रवाहित की गई अटलजी की अस्थियां
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धर्मनगरी में अपने लोकप्रिय नेता और उत्तराखंड के ‘जनक’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने जनसैलाब उमड़ा।
चिलचिलाती धूप में उत्तराखंड बनाने वाले अटल जी अमर रहें और जब तब सूरज चांद रहेगा अटल तेरा नाम रहेगा के नारे गुंजायमान होते रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह सहित यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत कलश यात्रा लेकर हरकी पैड़ी पर पहुंचे। विधि विधान के साथ अटल जी की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया गया।
हरिद्वार के इतिहास में रविवार को ‘अटल अध्याय’ भी जुड़ गया। हरिद्वार में उमड़े जनसैलाब ने अपने लोकप्रिय नेता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अटल जी की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने से पहले हरकी पैड़ी तक निकली अस्थि कलश यात्रा में जननायक को नमन करने हजारों की तादात में शहरवासी पहुंचे। युवा, बुजुर्ग, महिलाएं बच्चों को चिलचिलाती धूप डिगा नहीं पाई। जब तक सूरज चांद रहेगा, अटल तेरा नाम रहेगा का नारा गूंजायमान होता रहा।
भल्ला कालेज से शुरू होगी अस्थि कलश यात्रा
रविवार का दिन हरिद्वार के लिए बेहद खास रहा। चूंकि, पूर्व प्रधानमंत्री का हरिद्वार से गहरा नाता रहा है। उत्तराखंड का गठन उनके प्रधानमंत्री रहते हुआ। इससे प्रदेश के लोगों का भी उनसे गहरा जुड़ाव है, जो उनकी कलश यात्रा में दिखा। लिहाजा उन्हें आखिरी विदाई देने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं का उमड़ना स्वाभाविक था।
बेताबी का आलम ये था कि सुबह से ही पन्ना लाल भल्ला कॉलेज स्टेडियम के इर्द गिर्द युवा, बुजुर्ग और किशोर जुटने लग गए थे। जैसे जैसे धूप चढ़ती गई तो वैसे वैसे जनसैलाब उमड़ता चला गया। मानो पूरा शहर अपने नेता को श्रद्धांजलि देने उमड़ गया।
वैसे तो भाजपाई भी श्रद्धांजलि देने के लिए पुष्प दे रहे थे लेकिन अधिकांश आमजन अपने अपने साथ ही पुष्प लेकर पहुंचे थे, इससे जाहिर है कि उनके जेहन में नेता के लिए प्रति कितनी श्रद्धा रही होगी। आमतौर पर जहां भीड़ हर व्यवस्था को तार तार कर देती है, वहीं आज जनसैलाब भी पूरे अनुशासन में रहा। यह स्थिति केवल भल्ला कॉलेज और सड़कों पर ही नहीं थी, बल्कि हरकी पैड़ी पर भी अटल जी के सम्मान में लगे नारे गर्मी के बीच सूरज के तापमान को भी चुनौती देते रहे।
विसर्जन घाट पर गंगा में प्रवाहित कर दी गई अस्थियां
यात्रा के हरकी पैड़ी पर पहुंचने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां गंगा में प्रवाहित कर दी गई। इस दौरान देश के प्रिय नेता को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए भारी संख्या में लोग उपस्थित थे। अस्थियां गंगा में विसर्जित करते समय उनके परिजनों की आंखें नम हो गई। इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेता अस्थि कलश यात्रा कर हरकी पैड़ी पहुंचे।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश लेकर उनके दामाद रंजन भट्टाचार्य, दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य, नातिन निहारिका, भांजे अनूप मिश्रा लंबे समय तक वाजपेयी के राजनैतिक सलाहकार और निजी सचिव रहे शिवकुमार शर्मा आदि परिजन के साथ भाजपा शीर्ष नेतृत्व जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचा। एयरपोर्ट से अटली जी का अस्थि कलश लेकर हेलीकॉप्टर से परिजन और भाजपा नेता भल्ला कालेज स्थित स्टेडियम में पहुंचे। हेलीपेड पर भाजपा के प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ओर सतपाल महाराज आदि की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ताओं ने अस्थि कलश को फूलों से सजाए गए वाहन में रखा। जहां से यात्रा के रूप में अस्थि कलश को रेलवे रोड, अपर रोड होते हुए हरकी पैड़ी ले जाया गया। वाजपेयी परिवार के तीर्थ पुरोहित हरिहर शास्त्री के पोते पंडित अखिलेश शास्त्री ने अपने साथी पुरोहित हरिओम जैवाल और आशीष गौतम आदि के साथ वैदिक रीति रिवाज से अस्थियों को गंगा में विसर्जित कराया।
इससे पहले अस्थि कलश श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए गंगा सभा के कार्यालय के बाहर रखे गए। जहां उत्तराखंड, यूपी और दिल्ली समेत अन्य क्षेत्रों से आए भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा अन्य दलों के राजनैतिक प्रतिनिधियों, संत समाज आदि ने दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। रूड़की से आई बीईजी की सैन्य टुकड़ी ने अस्थि कलश को अंतिम सलामी दी। तीर्थ पुरोहितों की संस्था गंगा सभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा गांधीवादी, सभापति कृष्ण कुमार ठेकेदार, महामंत्री रामकुमार मिश्रा, समाज कल्याण मंत्री आशुतोष शर्मा, श्रीकांत वशिष्ठ आदि के साथ ही पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण, भारत माता मंदिर के संस्थापक सत्यमित्रानंद गिरि, जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद, स्वामी ऋषिश्वरानंद, बाबा हठयोगी, सतपाल ब्रह्मचारी, स्वामी यतींद्रानंद गिरि, शिवशंकर गिरि, स्वामी देवानंद सरस्वती, बाबा कमलदास, परमार्थ निकेतन के चिदानंद मुनि, भक्त दुर्गादास, गीता कुटिर के प्रबंधक शिवदास समेत बड़ी संख्या में संतों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
विधानसभाध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, सांसद भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिह रावत, सुबोध उनियाल, यशपाल आर्य, धनसिंह रावत, अरविंद पांडे, रेखा आर्य के अलावा पुष्कर सिंह धामी आदेश चौहान, रूवामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता, प्रदीप बतरा, कुंवर प्रणव चैंपियन, राजेश शुक्ला सुरेश राठौर, देशराज कर्णवाल, विनोद कंडारी, विनोद चमोली, मुन्ना चौहान, समेत प्रदेश के कई मंत्री, विधायकों के अलावा भाजपा के तमाम नेता ओर भारी जनसैलाब दिवंगत प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ा हुआ था। सुरक्षा के अभेद्य घेरे के बीच करीब डेढ़ घंटा हरकी पैड़ी पर जीरो जोन बनाया गया था, जहां सघन चेकिंग के बाद ही लोगों को प्रवेश करने दिया गया था।