हरिद्वार: नाराज शांतिकुंज परिवार ने अटलजी की अस्थि कलश यात्रा से किया किनारा, यह है वजह
दुनिया भर के लिए भाजपा के अजातशत्रु माने जाने वाले दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा के आयोजन स्थल पर विवाद थम नहीं रहा।
कलश यात्रा की शुरूआत कहां से की जानी है, इसको लेकर दो भाजपा दिग्गजों के बीच हुई खींचतान से शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या नाराज हो गए हैं। शांतिकुंज से यात्रा की शुरुआत नहीं होने से आहत पंड्या न तो आयोजन का हिस्सा बने न ही श्रद्धांजलि देने हरकी पैड़ी पर पहुंचे। उन्होंने शांतिकुंज में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया।
अटल जी की अस्थि कलश यात्रा को लेकर दो बार कार्यक्रम बदला गया। इसकी वजहें अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हुई हैं, लेकिन पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों की माने तो शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के बीच आम सहमति नहीं बनने से पेच फंसा रहा। सबसे पहले पहले महाराज के प्रेमनगर आश्रम से अस्थि कलश यात्रा निकाले जाने का कार्यक्रम तय हुआ था।
त्रिवेंद्र सिंह रावत, मदन कौशिक, अजय भट्ट ने किया था शांतिकुंज का निरीक्षण
अचानक शनिवार को प्रेम नगर आश्रम की जगह शांतिकुंज कर दिया गया था। स्थान बदलने पर खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और अन्य पदाधिकारियों ने सुरक्षा एजेंसियों व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शांतिकुंज का निरीक्षण किया था। शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या के साथ लंबी बैठक करके ये तय किया गया था कि शांतिकुंज से ही अस्थि कलश यात्रा हरकी पैड़ी के लिए चलेगी।
देर शाम तक यात्रा शुरू करने के लिए व्यवस्थाओं पर काम होता रहा। शांतिकुंज परिवार ने समूचे परिसर और संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य तथा माता भगतवी देवी शर्मा के समाधि स्थल को भी अच्छी तरह सजाया था। शांतिकुंज के साधकों और देव संस्कृति विवि के छात्र छात्राओं व शिक्षकों को आज होने वाले अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति श्रद्धांजलि समारोह के लिए बुलवा लिया थ।
देर रात में भाजपा के एक प्रांतीय अधिकारी ने डॉ. प्रणव पंड्या को फोन करके बताया कि अस्थि कलश यात्रा शांतिकुंज के बजाय भल्ला कालेज स्टेडियम से शुरू होगी। ऐसे में अस्थि कलश यात्रा निकल तो गई लेकिन शांतिकुंज परिवार की भाजपा से अघोषित नाराजगी साफ दिखाई दी। न तो डॉ. प्रणव पंड्या हरकी पैड़ी पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में पहुंचे और न ही उनका कोई प्रतिनिधि श्रद्धासुमन अर्पित करने आया। बल्कि अपने यहीं आयोजन कर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
यह तो नहीं विवाद की वजह
अस्थि कलश यात्रा की शुरुआत प्रेम नगर आश्रम से बदलकर शांतिकुंज करने पर दो भाजपा नेताओं ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया। चर्चा है यह है कि आयोजन स्थल बदलाव कर शांतिकुंज किये जाने से मामला शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक बनाम प्रेम नगर आश्रम के संस्थापक कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज हो गया।
प्रेम नगर आश्रम की जगह शांतिकुंज किये जाने से महाराज की नाराजगी बताई जा रही है। दिल्ली दरबार को यह बताया गया कि एक अध्यात्मिक संस्था से आयोजन स्थल दूसरी आध्यात्मिक किया जाना ठीक नहीं है। ऐसे में एक राज्य सभा सांसद और स्थानीय अधिकारी ने बीच का रास्ता निकालते हुए भाला कॉलेज स्टेडियम का स्थल सुझाया, जिसे मान लिया गया।
मान-मनौव्वल की कोशिश रही बेकार
कलश यात्रा शुरू करने के लिए शांतिकुंज से भल्ला कालेज मैदान करने के बाद डा. पंड्या के पास देर रात भाजपा के कई नेता पहुंचे। राष्ट्रीय मंत्री तीरथ सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत ने डा. पंड्या से बात की। सभी ने अपने अपने तरीके से शांतिकुंज परिवार की नाराजगी दूर करने का प्रयास किया, लेकिन सुबह शांतिकुंज परिवार का आयोजन से दूरी बनाने से साफ है कि पंड्या पूरे प्रकरण से आहत हैं।
मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं से वार्ता होने के बाद शांतिकुंज परिवार ने अस्थि कलश यात्रा निकालने की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन देर रात्री में उन्हें बताया गया कि सुरक्षा कारणों से स्थल बदल दिया गया है। यह भाजपा का अपना फैसला है। इस बारे में मुझे कुछ नहीं कहना है।
- डॉ. प्रणव पंड्या, शांतिकुंज प्रमुख