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Dehradun News: सीटीआर में दिन में बाघ और रात में देखेंगे तारामंडल
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- पहली बार टाइगर रिजर्व में एस्ट्रो टूरिज्म शुरू करने की तैयारी
देहरादून। कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघ और जैवविविधता को जानने के साथ ही तारामंडल के बारे में भी जान सकेंगे। कार्बेट में पहली बार एस्ट्राे टूरिज्म भी शुरू करने की योजना है। यह सुविधा एक महीने में शुरू होने की संभावना है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व निदेशक साकेत बडोला ने बताया कि जंगल में प्रकाश प्रदूषण नहीं होता है, ऐसे में तारामंडल को देखने के लिए यह सबसे बेहतर स्थान है। बीते दिनों हुई कार्बेट टाइगर कंजरवेनश फाउंडेशन की बैठक में एस्ट्रो टूरिज्म शुरू करने की योजना पर सहमति दी गई है। ढिकाला में ही टेलीस्कोप लगाने के साथ यहां पर खगोल के जानकार व्यक्ति को तैनात किया जाएगा, जो कि लोगों को खगोल से जुड़ी जानकारी देगा। यहां से ग्रह, नक्षत्रों आदि के बारे में जान सकेंगे। इसके लिए पर्यटक को एक निश्चित शुल्क देना होगा। भविष्य में यहां पर खगोल से जुड़े अध्ययन करने वालों को भी आमंत्रित किया जाएगा। टेलीस्कोप खरीद समेत अन्य प्रक्रियाओं को शुरू किया गया है। एक महीने में यह सुविधा शुरू होने की उम्मीद है।
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देहरादून। कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघ और जैवविविधता को जानने के साथ ही तारामंडल के बारे में भी जान सकेंगे। कार्बेट में पहली बार एस्ट्राे टूरिज्म भी शुरू करने की योजना है। यह सुविधा एक महीने में शुरू होने की संभावना है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व निदेशक साकेत बडोला ने बताया कि जंगल में प्रकाश प्रदूषण नहीं होता है, ऐसे में तारामंडल को देखने के लिए यह सबसे बेहतर स्थान है। बीते दिनों हुई कार्बेट टाइगर कंजरवेनश फाउंडेशन की बैठक में एस्ट्रो टूरिज्म शुरू करने की योजना पर सहमति दी गई है। ढिकाला में ही टेलीस्कोप लगाने के साथ यहां पर खगोल के जानकार व्यक्ति को तैनात किया जाएगा, जो कि लोगों को खगोल से जुड़ी जानकारी देगा। यहां से ग्रह, नक्षत्रों आदि के बारे में जान सकेंगे। इसके लिए पर्यटक को एक निश्चित शुल्क देना होगा। भविष्य में यहां पर खगोल से जुड़े अध्ययन करने वालों को भी आमंत्रित किया जाएगा। टेलीस्कोप खरीद समेत अन्य प्रक्रियाओं को शुरू किया गया है। एक महीने में यह सुविधा शुरू होने की उम्मीद है।
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