उत्तराखंड: भ्रष्टाचार के दोषी असिस्टेंट कमिश्नर को पांच साल की कैद, रिश्वत लेने का था आरोप
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उत्तराखंड में खटीमा जिला ऊधमसिंह नगर के असिस्टेंट कमिश्नर (कर निर्धारण वाणिज्य कर) शेर सिंह रावत को जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने दोषी करार देते हुए पांच साल कैद और पांच हजार रुपये की जुर्माने की सजा सुनाई है। वे 45 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुए थे। जुर्माना न देने पर अभियुक्त को तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
ऊधम सिंह नगर के सितारगंज निवासी इकशाद अहमद पुत्र छोटे अहमद ने 11 जून को सतर्कता अधिष्ठान कार्यालय हल्द्वानी में शिकायती पत्र देकर बताया था कि सितारगंज में कोकाकोला की न्यू हिंद एजेंसी के व्यापार कर संबंधी प्रकरण के निस्तारण के बदले में खटीमा के असिस्टेंट कमिश्नर (कर निर्धारण वाणिज्य कर) शेर सिंह रावत 45 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है।
विजिलेंस ने शिकायती प्रार्थनापत्र की जांच की तो आरोपों की पुष्टि हुई। प्रकरण ट्रैप योग्य होने के कारण ट्रैप टीम 14 जून को दोपहर 12:30 बजे शेर सिंह रावत के कार्यालय पहुंची। टीम ने रावत को 45 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
थाना उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर नैनीताल (हल्द्वानी) में 14 जून को ही आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। विजिलेंस ने विवेचना करके चार्जशीट जिला जज की अदालत में दाखिल कर दी।
सुनवाई के बाद जिला जज एवं स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन एक्ट राजीव कुमार ने शेर सिंह को रिश्वतखोरी का दोषी पाया। कोर्ट ने पांच साल सश्रम कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।