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हजारों के लिए अभिशाप बना विधानसभा सत्र

Fri, 20 Sep 2013 10:49 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 20 Sep 2013 10:49 AM IST
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Assembly session become curse

राजधानी में विधानसभा सत्र के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं शहर के धर्मपुर, जोगीवाला, राजीवनगर समेत एक दर्जन क्षेत्रों की हजारों की आबादी के लिए यह सत्र अभिशाप सा बनने लगा है।

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सत्र शुरू होते ही सड़कें बैरियर लगाकर बंद कर दी जाती हैं। रही-सही कसर जुलूस प्रदर्शन पूरी कर देते हैं। इस दौरान फंसने वालों में सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों, बीमारों और बुजुर्गों को उठानी पड़ती है।
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बृहस्पतिवार दोपहर भाजपा का जुलूस विधानसभा की ओर बढ़ा, उसी वक्त स्कूलों की छुट्टी के बाद बच्चे घर की ओर जा रहे थे। जुलूस के आने से पहले ही पुलिस ने बैरियर लगा दिए। बैरियर तक पहुंच चुके कई बच्चे ठिठक गए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन बैरियर नहीं खुला।

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आखिर बच्चों को तीन से चार किलोमीटर पैदल चलकर घर जाना पड़ा। दूसरी ओर, कई बुजुर्ग बैरियर बंद होने के बाद सड़क पर ही बैठ गए। जुलूस के जाने के बाद बैरियर खुला तो वे आगे बढ़े। इस दौरान गर्मी और थकान का असर बच्चों, बुजुर्गों के चेहरों पर साफ नजर आया।


चंचल डेयरी से मेरा घर केवल दो किलोमीटर दूर है। बैरियर लग गया है। अब मुझे धर्मपुर की गलियों से होते हुए करीब पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा।
- प्रदीप, राजीवनगर

इंस्टीट्यूट में क्लास खत्म होने के बाद घर जा रहा हूं। बहुत भूख लगी है। अब कई किलोमीटर घूमकर जाना होगा। इस बैरियर ने तो बहुत परेशान कर दिया है।
- आशीष

सरकार को विधानसभा को कहीं और शिफ्ट कर देना चाहिए। आम लोगों के बारे में कोई सोचता ही नहीं है। यहां तो आराम से जीने के लिए वीआईपी बनना जरूरी हो गया है।
- परीक्षित

बाइक या कार वाले तो दूसरे रूट से निकल ही जाते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत तो उनको होती है, जो पैदल घर से निकलते हैं। बस, विक्रम कुछ मिलता नहीं बस फंसे रहते हैं।
- हर्षवीर

पुलिस से उलझे, कागज मांगे तो उड़े होश
भाजपा के प्रदर्शन के कुछ देर बाद बाइकसवार नशे में धुत दो युवक बैरियर पर पहुंचे। दोनों एक अधिकारी के पास पहुंचे और आगे जाने की बात कही। अधिकारी ने बताया कि अभी रूट डायवर्ट है और उन्हें किसी और रास्ते से जाना होगा।

इस पर दोनों युवक अधिकारी से उलझने लगे। तभी मौके पर मौजूद एक कांस्टेबल वहां आया और बाइक की चाबी निकाल युवकों से गाड़ी के कागजात मांगे। इस पर दोनों के होश उड़ गए। दोनों ने माफी मांगी, जिसके बाद उन्हें जाने दिया गया।

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