फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Ashutoshs Story on Children Day

children's day: पीएम मोदी नहीं समझ सके 11 साल के आशुतोष के दिल का दर्द, जवाब सुन निराश हुए मां-बाप

Wed, 15 Nov 2017 11:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 15 Nov 2017 11:56 AM IST
विज्ञापन
Ashutoshs Story on Children Day
ashutosh

दूधली के 11 वर्षीय आशुतोष  को बड़ी उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री का जवाब उसके दिल के दर्द को कम कर देगा, लेकिन प्रधानमंत्री के जवाब ने उसकी आशा को निराशा में बदल दिया।

विज्ञापन


दिल में छेद की बीमारी से जूझ रहे दून के आशुतोष को पीएम नरेंद्र मोदी ने मदद तो भेजी लेकिन इलाज के पूरे खर्च के मुकाबले यह आधी भी नहीं है। आशुतोष के ऑपरेशन में करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्च आना है। पीएमओ से उन्हें 50 हजार रुपये की ही मदद मिली है। पूर्व सीएम एवं हरिद्वार सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक के माध्यम से पीएम को पत्र भेजा गया लेकिन खुद सांसद के स्तर से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। नतीजतन, आशुतोष के माता-पिता
विज्ञापन


उसके इलाज के लिए सरकार का मुंह ताक रहे हैं। दूधली के कैमरी गांव निवासी 11 वर्षीय आशुतोष के दिल में छेद है। एक दिन अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी तो माता-पिता उसे अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि आशुतोष के दिल में छेद है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

तीन बहनों में इकलौता भाई है आशुतोष

Ashutoshs Story on Children Day
ashutosh

डॉक्टर ने बच्चे के ऑपरेशन की सलाह के साथ पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। ऑपरेशन में एक लाख रुपये से अधिक का खर्च आना है। आशुतोष के पिता मजदूरी करते हैं। आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। उनके लिए एक लाख रुपये जुटाना बेहद मुश्किल काम था।

आशुतोष तीन बहनों का इकलौता भाई है। बच्चे के पिता शैलेंद्र सिंह स्थानीय निवासी अजय कुमार के साथ पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक से मिले। सांसद ने अपने स्तर से कोई आर्थिक मदद तो नहीं की लेकिन पीएमओ को पत्र भेज दिया।

पीएमओ से जवाब आया कि 50 हजार रुपये की मदद दी जा रही है। परिजन समझ नहीं पा रहे हैं कि इस मदद पर खुशी मनाएं या दुख। दरअसल, बच्चे के इलाज को करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्च आना है।

बच्चे के पिता शैलेंद्र अब इलाज की बाकी रकम जुटाने को दर-दर भटक रहे हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री राहत कोष से राहत तो मिली लेकिन अभी और राहत के लिए वह सीएम त्रिवेंद्र रावत से मिलना चाहते हैं। ताकि बच्चे का समय से ऑपरेशन हो और उसकी जान बच सके।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed