लगातार 7 दिन पढ़ाकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
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उन्होंने पोलैंड के शिक्षक इरॉल मुझावाजी के 121 घंटे रिकार्ड को पीछे छोड़ते हुए 139 घंटे 42 मिनट और 56 सेकेंड का रिकार्ड अपने नाम किया।
इसकी सूचना बुधवार को अरविंद मिश्रा को ईमेल से मिली। दस दिन के भीतर उन्हें प्रमाण पत्र भेज दिया जाएगा।
कानपुर के रहने वाले हैं अरविंद
मूलरूप से कानपुर के शिवनगर, मसवानपुर निवासी अरविंद मिश्रा ग्राफिक एरा विवि के मैकेनिकल विभाग में अस्सिटेंट प्रोफेसर हैं।
एक साल तक की थी तैयारी
एक मार्च से उन्होंने विवि परिसर में मैराथन लेक्चर शुरू किया था। यह सात मार्च की रात एक बजकर 42 मिनट 56 सेकेंड पर समाप्त हुआ।
बेहद मुश्किल माने जाने वाले इस लेक्चर के लिए अरविंद मिश्रा ने एक साल तक नींद दूर करने की प्रैक्टिस की थी। अपने मैराथन लेक्चर में अरविंद ने वैज्ञानिक संगणना जैसे जटिल विषय को लगातार पढ़ाया।
गिनीज बुक की रिकॉर्ड टीम ने भेजा ईमेल
सभी दस्तावेज तैयार करने के बाद 23 मार्च को सभी साक्ष्य गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के लंदन स्थित कार्यालय को भेज दिए गए।
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इसमें लेक्चर हॉल में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग, कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव, लाइव स्ट्रीमिंग का डेटा, समाचार पत्रों की कटिंग आदि शामिल थे। उनके इस लेक्चर को दुनिया के 65 देशों में लोगों ने इंटरनेट के माध्यम से देखा।
गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड की रिकार्ड मैनेजमेंट टीम ने ईमेल भेजकर उन्हें यह रिकार्ड कायम होने की जानकारी दी है। ग्राफिक एरा विवि के अध्यक्ष प्रो. कमल घनशाला ने कहा कि अरविंद मिश्रा की यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे राज्य और देश के लिए गौरवपूर्ण है।