Kejriwal Corona Positive: बड़ा सवाल, जब लक्षण थे तो देहरादून रैली में क्यों आए केजरीवाल?
सोमवार को जब परेड मैदान में अरविंद केजरीवाल का भाषण शुरू हुआ तो थोड़ी देर बाद ही उन्हें खांसी आने लगी। वह लगातार खांसी को काबू करने की कोशिश करते नजर आए।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। कई लोग यह भी कह रहे हैं कि जब कोरोना के लक्षण थे तो केजरीवाल रैली करने क्यों आए?
दरअसल, सोमवार को जब परेड मैदान में अरविंद केजरीवाल का भाषण शुरू हुआ तो थोड़ी देर बाद ही उन्हें खांसी आने लगी। वह लगातार खांसी को काबू करने की कोशिश करते नजर आए। पहले तो लोगों को लगा कि शायद तेज आवाज में बोलने की वजह से ऐसा हो रहा है, लेकिन धीरे-धीरे लोगों को उनकी खांसी खटकने लगी।
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मंगलवार को सुबह जैसे ही केजरीवाल ने खुद के कोविड पॉजिटिव होने का ट्वीट किया तो लोग उनकी खांसी को याद करने लगे। इसके साथ ही राजनीतिक हलकों में यह भी सवाल हवा में तैरने लगा कि जब केजरीवाल खुद को स्वस्थ महसूस नहीं कर रहे थे। उन्हें कोरोना के लक्षण थे तो उन्होंने एहतियातन पहले ही अपनी जांच क्यों नहीं कराई?
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अगर लक्षण थे तो सबकी जान खतरे में डालते हुए वह दिल्ली से देहरादून में चुनावी रैली करने क्यों आए? कई राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी कहना है कि केजरीवाल, चुनावी दबाव में देहरादून चले आए।
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भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने बरती एहतियात, नहीं आए रैली में
फिलहाल उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में काम कर रही केजरीवाल की पूरी टीम आइसोलेशन में है। सीएम प्रत्याशी कर्नल कोठियाल से लेकर उनके संपर्क में आए सभी नेताओं ने अपनी आरटीपीसीआर जांच कराई है, जिसकी रिपोर्ट बुधवार तक आने की संभावना है। केजरीवाल का यह दौरा कितने लोगों पर भारी साबित होगा, इसका खुलासा तो रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
एक ओर जहां दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को देहरादून में रैली करने पर आलोचनाओं का शिकार होना पड़ रहा है तो दूसरी ओर भाजपा के सांसद मनोज तिवारी की सजगता की सराहना भी कर रहे हैं। दरअसल, रुद्रपुर में सोमवार को मनोज तिवारी का कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट शामिल हुए थे। काफी संख्या में मनोज तिवारी के प्रशंसक कार्यक्रम में पहुंचे थे, लेकिन ऐन वक्त पर मनोज तिवारी का कार्यक्रम में शामिल होना रद्द हो गया।
प्रशंसक मायूस जरूर हुए, लेकिन जब मनोज तिवारी ने मंगलवार को ट्वीट किया तो सब उनकी प्रशंसा करने लगे। मनोज तिवारी ने ट्वीट कर लिखा है कि-परसों (2 जनवरी) रात से ही अस्वस्थ महसूस कर रहा था। हल्का बुखार और जुकाम होने के कारण कल उत्तराखंड-रुद्रपुर प्रचार में भी नहीं जा पाया था। टेस्ट में आज पॉजिटिव आया हूं।
सतर्कता बरतते हुए आपे आप को कल ही आइसोलेट कर लिया था। कृपया अपना और अपने परिवार का ध्यान रखें। मंगलवार को राजनीतिक हलकों में उनका यह ट्वीट उनकी सूझबूझ की प्रशंसा के साथ काफी चर्चाओं में रहा। सभी कह रहे थे कि अगर मनोज तिवारी इस हालत में रुद्रपुर आ जाते तो कई लोगों पर कोरोना का खतरा मंडराने लगता।