फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   army soldiers are cheated by government of uttarakhand

सेना के जवानों को ऐसे ठग रही सरकार

Wed, 23 Oct 2013 12:52 PM IST
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 23 Oct 2013 12:52 PM IST
विज्ञापन
army soldiers are cheated by government of uttarakhand

जवान जान की बाजी लगाकर देश की रक्षा करता है, लेकिन उत्तराखंड सरकार इन सैनिकों को बार-बार ठगती है।

विज्ञापन


पढ़ें, रोज 10 हजार की चाय पीते हैं उत्तराखंड के CM

राज्य सरकार पूर्व सैनिकों के लिए हर बार लंबी चौड़ी घोषणाएं करती है, लेकिन वह धरातल पर नहीं उतरती। यही नहीं हमेशा चुनाव से पहले सरकार को पूर्व सैनिकों की याद आती है। इस याद में जो घोषणाएं की जाती हैं उसमें से ज्यादातर पुरानी ही होती हैं।
विज्ञापन


बीते रविवार को सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह ने पूर्व सैनिकों के लिए घोषणाओं का जो पिटारा खोला उनमें से अधिकांश मामले या तो पुराने हैं या फिर भाजपा के जमाने से चल रहे हैं। हरक सिंह जिन घोषणाओं से सैनिक कल्याण का दम भर रहे हैं उनमें से एक गृहकर में माफी की घोषणा तो मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा खुद कर चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें, 'ऐसे नहीं संभल पाएगी उत्तराखंड की विरासत'

इसके अलावा भी सैनिक स्कूल, परिवहन बसों में निशुल्क यात्रा, बच्चों के लिए छात्रावास जैसे कई घोषणाएं हैं जो पिछले कई बरसों से सिर्फ फाइलों में बंद हैं।

गृहकर में छूट
2012 में विजय दिवस पर मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिवारों को गृहकर में शत प्रतिशत व अन्य सैनिकों को 25 फीसदी छूट की घोषणा की थी। हालांकि 13 मई 1999 को यूपी के जारी शासनादेश के अनुसार सैनिक विधवाओं के लिए गृहकर में शत प्रतिशत छूट राज्य में प्रभावी है।


वहीं अन्य सैनिकों के लिए 25 फीसदी छूट की घोषणा आज तक लागू नहीं हुई। सभी सैनिकों के लिए गृहकर में शत प्रतिशत छूट का मामला वर्ष 2008 से विचाराधीन है।

निशुल्क यात्रा
सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह ने परिवहन बसों में अलंकृत सैनिकों व शहीदों के लिए निशुल्क यात्रा की जो घोषणा की है वह 2008 की है। इस प्रस्ताव को नवंबर 2009 में दूसरी बार व जुलाई 2012 में तीसरी बार शासन को प्रेषित किया गया था। एक बार फिर नए अंदाज में इसकी घोषणा कर हरक सिंह ने सैनिकों को लुभाने की कोशिश की है।

सैनिक स्कूल का प्रस्ताव
सैनिक स्कूल रुद्रप्रयाग (जखोली) में खोलने का प्रस्ताव चार वर्ष पुराना है। भाजपा सरकार में पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी और पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल के समय भी इसे केंद्र को भेजा गया था।

हालांकि पिछले दिनों इसका शिलान्यास रुद्रप्रयाग (जखोली) में हो भी गया। बावजूद यह हरक की घोषणाओं का हिस्सा था। पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए छात्रावास खोलने का मामला भी पुराना है।

फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें...

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed