मातृभूमि के बाद अब जन्म भूमि के लिए मोर्चे पर डटेंगे आर्मी चीफ
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देश के दुश्मनों को आर्मी चीफ बिपिन रावत सख्त लहजे में संदेश दे रहे हैं। उनकी चिंता देश की रक्षा से तो जुड़ी है ही, पहाड़ में पलायन की चुनौती से भी वे बेखबर नहीं है।
यही वजह है कि उन्होंने अब उत्तराखंड में पलायन से जुडे़ मुद्दे पर अपनी एक नई भूमिका चुन ली है। इसमें आर्मी चीफ उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों को होम स्टे जैसी योजना से जोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
राज्य सरकार को आर्मी चीफ ने इस संबंध में अपनी सहमति दे दी है। सेना के एक अफसर को पूर्व सैनिकों से समन्वय बनाने के लिए जल्द ही तैनात किया जाएगा। उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों की संख्या डेढ़ लाख से ज्यादा है।
राज्य सरकार की होम स्टे योजना अब तक बहुत सफल नहीं रही है। कई लिहाज से यह योजना अहम है। एक, यह रोजगार के नए अवसर खोलने में सक्षम है। दो, पहाड़ से पलायन रोकने में ये मददगार साबित हो सकती है। सामरिक दृष्टि से भी बात करें, तो खाली होते पहाड़ देश की सुरक्षा के लिए खतरे के संकेत बतौर उभर रहे हैं।
इन सारी स्थितियों को देखते हुए आर्मी चीफ पूर्व सैनिकों को इस योजना से जोड़ने के लिए नए तरीके से प्रयास करेंगे। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और आर्मी चीफ बिपिन रावत की पिछले दिनों दिल्ली में मुलाकात के दौरान इस संबंध में आपसी सहमति बन गई है। महाराज ने इसकी पुष्टि की है। महाराज पर्यटन मंत्री होने के अलावा पलायन रोकने के लिए बनी राज्य सरकार की कमेटी के अध्यक्ष भी हैं।
क्या है होम स्टे योजना
यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसे 2015 से उत्तराखंड में शुरू किया गया है। इस योजना में अपने घर में ही रहते हुए पर्यटकों के लिए रहने-खाने की व्यवस्था कर रोजगार शुरू किया जा सकता है। इस योजना के तहत की जाने वाली हर गतिविधि व्यवसायिक टैक्स से मुक्त रहती है। यानी बिजली से लेकर पानी तक के बिल घरेलू दर से लिए जाते हैं। इसके अलावा, अन्य होटलों की तरह सराय एक्ट में इसे रजिस्टर्ड कराने की आवश्यकता भी नहीं रहती।
भूटान के अनुभव याद हैं आर्मी चीफ को
होम स्टे योजना विदेशों में काफी लोकप्रिय है। आर्मी चीफ बिपिन रावत को इस संबंध में भूटान के अनुभव याद हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के अनुसार-आर्मी चीफ ने इस योजना के संबंध में अपने भूटान से संबंधित अनुभव भी साझा किए हैं।
बकौल महाराज-भूटान यात्रा के दौरान आर्मी चीफ एक बार होम स्टे योजना के तहत वहां रुके। वहां पर एक हजार डॉलर में रहने की बेहतरीन व्यवस्था की गई थी। आर्मी चीफ चाहते हैं कि पूर्व सैनिक पहाड़ के विभिन्न स्थानों में इस योजना को शुरू करें। अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत करें। साथ ही पलायन और सामरिक महत्व को ध्यान रखते हुए समाज की बेहतरी के लिए काम करें।
जनरल बिपिन रावत उत्तराखंड के लिहाज से होम स्टे योजना की अहमियत को जानते हैं। इसलिए वे इससे पूर्व सैनिकों को जोड़ने के अभियान में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। समन्वय बनाने के लिए जल्द ही एक सैन्य अफसर की तैनाती की जाएगी। आर्मी चीफ की इस भूमिका से हम पलायन रोकने के अभियान को प्रभावी ढंग से चला पाएंगे।
- सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री