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52 फीसदी अंक, फिर भी टीईटी में कर दिया फेल
राजीव खत्री/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Thu, 13 Feb 2014 09:10 PM IST
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साठ फीसदी विकलांग होने और पचास फीसदी अंक लाने के बाद भी उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में एक छात्रा को असफल घोषित कर दिया। जबकि छात्रा के आरक्षित वर्ग के लिए निर्धारित न्यूनतम 50 फीसदी से ज्यादा अंक हैं।
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उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने पिछले साल 12 नवबंर को अध्यापक पात्रता परीक्षा कराई थी। गढ़वाल विवि की छात्रा अर्चना ने भी टीईटी के लिए आवेदन किया था। अर्चना 60 फीसदी विकलांग है।
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विकलांग को रखा सामान्य वर्ग में
अर्चना ने बताया कि उसने आवेदन पत्र में विकलांगता का उल्लेख किया था और प्रमाणपत्र भी लगाया था। लेकिन उसे सामान्य वर्ग में रखा गया। जिस कारण न्यूनतम क्वालीफाई अंक प्राप्त करने के बावजूद भी उसे परीक्षा में असफल घोषित किया गया है।
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अर्चना ने परीक्षा में 52 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए 60 फीसदी व अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व विकलांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए 50 फीसदी अंक लाने की बाध्यता थी।
विभाग की लापरवाही की सजा अभ्यर्थी को
अर्चना ने कहा कि वह विभाग की लापरवाही के कारण परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद भी प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक की भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर पा रही है।