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अजबः 5 पैसे प्रति किलो बिका सेब
अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Sun, 10 Nov 2013 12:09 AM IST
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आपदा के दौर में उपला टकनौर क्षेत्र से समर्थन मूल्य पर हुई सेब की खरीद ने सरकार की अदूरदर्शी नीति की पोल खोलकर रख दी है। गढ़वाल मंडल विकास निगम को 30 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा गया सेब महज पांच पैसे प्रति किलो की दर से बेचना पड़ा।
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हाईवे टूटने से हालत खराब
अब निगम के अधिकारी तो किसी तरह इस बवाल से पिंड छूटने पर खुश नजर आ रहे हैं, लेकिन समर्थन मूल्य पर सेब बेचने के बावजूद काश्तकार बड़ी मेहनत से तैयार सेब की फसल को यूं बर्बाद होते देख खासे खिन्न हैं।
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जून की आपदा में गंगोत्री हाईवे तबाह होने पर उपला टकनौर क्षेत्र में सेब की फसल के बगीचों में ही सड़ने का संकट खड़ा हो गया था। सरकार ने 30 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य पर जीएमवीएन से 16333.51 क्विंटल सेब की खरीद कराई।
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गोदामों में सड़ा सेब
किसी ने यह नहीं सोचा कि इस सेब को कहां स्टोर करेंगे और इसका क्या करेंगे? सड़क खुलने पर 21 सितंबर को देहरादून में बैठकर बिना ग्रेडिंग के ही इस सेब की 14 रुपये किलो की दर से नीलामी कर दी गई। खरीददार ने भी 30 अक्तूबर तक इसमें से ‘ए’ ग्रेड का करीब 4600 क्विंटल सेब उठाकर हाथ खड़े कर दिए।
शेष बचा करीब 11,500 क्विंटल सेब उपला टकनौर क्षेत्र में लोगों के घर-होटलों में बनाए गए गोदामों में सड़ गया। इन गोदामों की सफाई गले पड़ती देख निगम को यह सारा सेब महज 60 हजार रुपये में नीलाम करना पड़ा। ऐसे में 30 रुपये की दर से खरीदा गया यह सेब महज पांच पैसे की दर से बिका। निगम के अधिकारी इसी से खुश हैं कि अब खरीददार गोदाम खाली कर देंगे।