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Dehradun News: बागवानों की सवा तीन करोड़ की सब्सिडी डकार गए अधिकारी और नर्सरी वाले

Sun, 16 Jun 2024 02:32 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jun 2024 02:32 AM IST
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Apple farmers of Dehradun have also lost their rights on

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I- एक लाख से ज्यादा सेब की पौध की सब्सिडी के रूप में यूके हाईटेक नर्सरी को भेजे गए थे रुपये
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I- नर्सरी ने एक भी रुपया नहीं दिया किसानों को, सारे धन की अधिकारियों में ही हो गई बंदरबांटI

उद्यान घोटाले में देहरादून के भी सेब किसानों का बड़े पैमाने पर हक मारा गया है। सब्सिडी के रूप में किसानों को मिलने वाली सवा तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम नर्सरी वाले और अधिकारी ही डकार गए। नर्सरी से एक लाख से ज्यादा सेब के पौधे खरीदे गए थे।

सब्सिडी के रूप में डीबीटी के माध्यम से यह रकम उसके खाते में दे दी गई, लेकिन नर्सरी संचालक ने एक भी रुपया किसानों के खातों में जमा नहीं किया। आरोप है कि यह रकम अधिकारियों और नर्सरी संचालक ने ही आपस में बांट ली। सीबीआई ने जांच के बाद एक मुकदमे में देहरादून की तत्कालीन मुख्य उद्यान अधिकारी मीनाक्षी जोशी को भी आरोपी बनाया है। देहरादून में सेब और अन्य बागवानों के लिए यूके हाईटेक नर्सरी से पौध की खरीद हुई थी। इसके लिए इस नर्सरी ने सेब के 1,18,075 क्लोनल रूट स्टॉक पौधे 480 रुपये के भाव से, 62,010 कलमी पौधे 80 रुपये के भाव से और कीवी के 15,081 कलमी पौधे 275 रुपये के भाव से सप्लाई करना दर्शाया था।
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जांच में सामने आया है कि पौध खरीद में डीबीटी के माध्यम से किसानों को 50 फीसदी सब्सिडी दी जानी थी, लेकिन तत्कालीन सीएचओ मीनाक्षी जोशी ने मुख्यमंत्री उद्यान विकास योजना के तहत यूके हाईटेक नर्सरी के खाते में 3.28 करोड़ रुपये सब्सिडी के रूप में ट्रांसफर कर दिए। जबकि, मीनाक्षी जोशी के पास न तो प्रशासनिक अधिकार थे न ही वित्तीय। सीबीआई ने जब जांच की तो पता चला कि यूके नर्सरी के मालिक अनिल रावत ने इस रकम में से एक भी रुपया किसानों के खातों में ट्रांसफर नहीं किया।
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इस तरह सवा तीन करोड़ रुपये की यह सब्सिडी इन अधिकारियों और नर्सरी संचालक के बीच ही बंट गई। यही नहीं इस नर्सरी ने लाइसेंस मिलने के महज दो महीने बाद ही सेब के 46,000 पौधों की सप्लाई करना भी दर्शाया। इसी नर्सरी से खराब गुणवत्ता के पौधे भी तीन गुना दामों पर खरीदे गए।






Iसेब की पौध उगाने का था लाइसेंस, सप्लाई अखरोट तक के कर डालेI

अनिल रावत की यूके हाईटेक नर्सरी ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों को अखरोट, कीवी, खुबानी और पूलम के पौधे भी सप्लाई किए। इसके लिए भी करोड़ों रुपये नर्सरी को ट्रांसफर किए गए। जबकि, इस नर्सरी के पास केवल सेब के विभिन्न प्रजातियों के पौधे उगाने का लाइसेंस था। इस तरह मनमाने तरीके से इस नर्सरी को पूर्व निदेशक एचएस बवेजा ने लाभ पहुंचाया।
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