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ऋषिकेश से US तक उत्तराखंड की अनुकृति की 'उड़ान'
नेहा सुयाल / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 17 Mar 2017 12:46 PM IST
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- फोटो : Neha Suyal
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स्लम एरिया में रहने वाले बच्चे भी ऊंची उड़ान भर सके, इसी उद्देश्य से अनुकृति 2013 में ‘उड़ान’ प्रोजेक्ट से जुड़ीं। 10 बच्चों से शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट के जरिये आज स्लम एरिया में रहने वाले 50 बच्चे मुफ्त एजुकेशन ले रहे हैं।
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साथ ही, अनुकृति का यह प्रोजेक्ट ऋषिकेश से यूएस तक की उड़ान भर चुका है। अनुकृति का उद्देश्य जल्द ही देहरादून के स्लम एरिया में ऐसा ही एक स्कूल खोलना है। जिसके लिए वह प्रयास कर रही हैं।
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बृहस्पतिवार को देहरादून पहुंची मिस इंडिया पैसेफिक-2014 अनुकृति गुसाईं ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि जब भी मुझे मॉडलिंग और पढ़ाई से फुर्सत मिलती है, मैं इन बच्चों के बीच पहुंचती हूं। सच कहूं तो इन बच्चों के बीच पहुंचकर मुझे खुशी मिलती है।
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मूल रूप से लैंसडौन निवासी अनुकृति ने बताया कि 2013 में ऋषिकेश में वह उड़ान प्रोजेक्ट से जुड़ी थीं। उस समय हमारे पास 10 बच्चे थे, जिनको बड़ी मुश्किल से उनके माता-पिता ने उन्हें पढ़ाई के लिए भेजा था। पर हमने हार नहीं मानी और नतीजा आज ऋषिकेश में हमारे स्कूल में 50 बच्चे हैं।
एजुकेशन देने के साथ-साथ कंप्यूटर शिक्षा भी
अनुकृति ने बताया कि इन्हें हम क्वालिटी एजुकेशन देने के साथ-साथ कंप्यूटर शिक्षा भी दे रहे हैं, ताकि ये कहीं भी अन्य बच्चों से पीछे न रहें। उन्होंने बताया कि अभी छह माह में इस प्रोजेक्ट के सिलसिले में यूएस भी गई थी, वहां भी हमने एक ऐसा ही स्कूल शुरू किया है। मैं वहां करीब छह माह रही।
एक्सपोज नहीं करूंगी, चाहे काम न मिले
डीआईटी से बीटेक कर चुकीं अनुकृति बताती हैं माडलिंग कर रही हूं। अब तक एक-दो फिल्में ऑफर हुईं, लेकिन रोल बेहतर न होने के कारण मना कर दिया। उनका कहना है कि मैं एक्सपोज नहीं करूंगी, चाहे फिल्मों में काम मिले या न मिले। मुझे अपनी परिवार अपने राज्य के मान-सम्मान का पूरा ध्यान है। जो फिल्में मैं अपने पैरेंट्स के साथ बैठकर न देख सकूं, ऐसी फिल्में करके कोई फायदा नहीं है।
मॉडलिंग के साथ जॉब भी
कई खिताब जीत चुकीं अनुकृति मॉडलिंग में व्यस्त रहती हैं। देहरादून से इंजीनियरिंग करने के बाद अनुकृति पुणे में जॉब भी कर रही हैं। उनका कहना है कि मॉडलिंग कोई स्थायी करियर नहीं है। बालीवुड में भी काम आसानी से नहीं मिलता, लेकिन पढ़ाई जीवन भर काम आती है। इसलिए मैं मॉडलिंग के साथ-साथ बेहतर फ्यूचर के लिए पढ़ाई भी कर रही हूं।
एक्सपोज नहीं करूंगी, चाहे काम न मिले
डीआईटी से बीटेक कर चुकीं अनुकृति बताती हैं माडलिंग कर रही हूं। अब तक एक-दो फिल्में ऑफर हुईं, लेकिन रोल बेहतर न होने के कारण मना कर दिया। उनका कहना है कि मैं एक्सपोज नहीं करूंगी, चाहे फिल्मों में काम मिले या न मिले। मुझे अपनी परिवार अपने राज्य के मान-सम्मान का पूरा ध्यान है। जो फिल्में मैं अपने पैरेंट्स के साथ बैठकर न देख सकूं, ऐसी फिल्में करके कोई फायदा नहीं है।
मॉडलिंग के साथ जॉब भी
कई खिताब जीत चुकीं अनुकृति मॉडलिंग में व्यस्त रहती हैं। देहरादून से इंजीनियरिंग करने के बाद अनुकृति पुणे में जॉब भी कर रही हैं। उनका कहना है कि मॉडलिंग कोई स्थायी करियर नहीं है। बालीवुड में भी काम आसानी से नहीं मिलता, लेकिन पढ़ाई जीवन भर काम आती है। इसलिए मैं मॉडलिंग के साथ-साथ बेहतर फ्यूचर के लिए पढ़ाई भी कर रही हूं।