फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Anti poaching campaign will run for the protection of tigers

बाघों के संरक्षण को उत्तराखंड में चलेगा एंटी पोचिंग अभियान

Tue, 18 Jan 2022 01:00 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jan 2022 01:00 AM IST
विज्ञापन
Anti poaching campaign will run for the protection of tigers
देहरादून। सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी देश के तमाम हिस्सों में बाघों की मौत के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसके देखते हुए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने उत्तराखंड सहित देश के तमाम अभयारण्यों में अगले एक माह तक एंटी पोचिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत विशेष तौर पर बाघों के शिकार में इस्तेमाल किए जाने वाले खड़के, फंदे और दूसरे तरीकों की खोजबीन को सर्च आपरेशन चलाया जाएगा। एनटीसीए के वन उप महानिरीक्षक राजेंद्र जी. गरवाड़ की ओर से इस संबंध राज्य वन विभाग को आदेश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन

एनटीसीए का पत्र मिलने के बाद मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. पराग मधुकर धकाते की ओर से इस संबंध में प्रदेशभर के अभयारण्यों में विशेषकर संवेदनशील क्षेत्रों में एंटी पोचिंग अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत अगले एक माह तक बाघ को फंसाने में इस्तेमाल किए जाने वाले कड़के और फंदों की खोज को विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा कुछ जगहों पर नंगी तारों में करंट छोड़कर भी शिकार किया जाता है, इनकी भी खोज की जाएगी। इसके अलावा गश्त बढ़ाने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा सूचना तंत्र को मजबूत करने, वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और अन्य प्रदेशों के एंटी पोचिंग सेल से संपर्क स्थापित करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। ताकि शिकारियों तक आसानी से पहुंचा जा सके।
विज्ञापन

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की एक रिपोर्ट के मुताबिक देशभर वर्ष 2021 में देशभर में कुल 126 बाघों की मौत हुई। इनमें 60 मौत अवैध शिकार, सड़क हादसों और इंसानों के साथ संघर्ष में हुई हैं। वर्ष 2021 में मध्य प्रदेश में सर्वाधिक 42 बाघों की मौत हुई। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र में 26, कर्नाटक में 15, यूपी में नौ बाघों की मौत हुई है। उत्तराखंड में जून 2021 तक के आंकड़ों के अनुसार यहां कुल छह बाघों की मौत हुई है। इनमें दो बाघ आपसी संघर्ष, तीन की स्वभाविक मौत, जबकि एक बाघ सड़क दुर्घटना में मारा गया। अच्छी बात यह है कि बीत वर्ष प्रदेश में बाघ के शिकार का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed