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कार्रवाई: गैंगस्टर यशपाल पर 20 साल पुराने मामले में एक और केस, गाड़ी पर था मोपेड का नंबर
Mon, 25 Apr 2022 10:38 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 25 Apr 2022 10:38 AM IST
सार
गैंगस्टर यशपाल तोमर के खिलाफ 20 साल पुराने मामले में एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। यशपाल के खिलाफ एसटीएफ की जांच चल रही है। उसके खिलाफ मुकदमों में कार्रवाई करते हुए कोर्ट के आदेश पर एसटीएफ उसकी 153 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।
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गैंगस्टर यशपाल तोमर
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
गैंगस्टर यशपाल तोमर की गुनाहों की पोटली से एक और मामला सामने आया है। 20 साल पहले उसने एक मुकदमे में फर्जी कागज के माध्यम से गाड़ी थाने से रिलीज कराई थी। एसटीएफ की जांच में यह खुलासा होने के बाद उसके खिलाफ एक और मुकदमा हरिद्वार कोतवाली में दर्ज किया गया है। यह कार भी गुरुग्राम से चोरी हुई थी। मुकदमे में उसके चार और साथियों को आरोपी बनाया गया है।
यशपाल तोमर के खिलाफ एसटीएफ की जांच चल रही है। उसके खिलाफ मुकदमों में कार्रवाई करते हुए कोर्ट के आदेश पर एसटीएफ उसकी 153 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुकी है। इसी बीच उसके 20 साल पुराने एक मामले की फाइल भी खुल गई। वर्ष 2002 में यशपाल के खिलाफ पुलिस पर जानलेवा हमला करने के आरोप में हरिद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। जब वह गिरफ्तार हुआ तो उसकी एक मारुति कार को भी पुलिस ने जब्त किया था। कार पर हरियाणा का नंबर था। मामले में यशपाल को जमानत मिल गई।
उसने कार को रिलीज कराने के लिए मुकेश नाम के व्यक्ति को मालिक बताते हुए अदालत में खड़ा किया। उसके नाम पर गाड़ी के कागज भी बनवाए। न्यायालय ने शुरुआती पड़ताल कराने के बाद कार रिलीज कराने के ऑर्डर दे दिए और पुलिस ने उसे रिलीज कर दिया। अब इस मामले की एसटीएफ ने जांच की तो पता चला कि वह कार तो गुरुग्राम से चोरी हुई थी।
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यही नहीं, उस पर जो नंबर था वह मोपेड का था। जिस मुकेश को उसने खड़ा किया था उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इस कारनामे में उसके साथ चार और साथी थे। एसटीएफ की सिफारिश पर हरिद्वार कोतवाली में यशपाल व उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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यशपाल तोमर के खिलाफ एसटीएफ की जांच चल रही है। उसके खिलाफ मुकदमों में कार्रवाई करते हुए कोर्ट के आदेश पर एसटीएफ उसकी 153 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुकी है। इसी बीच उसके 20 साल पुराने एक मामले की फाइल भी खुल गई। वर्ष 2002 में यशपाल के खिलाफ पुलिस पर जानलेवा हमला करने के आरोप में हरिद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। जब वह गिरफ्तार हुआ तो उसकी एक मारुति कार को भी पुलिस ने जब्त किया था। कार पर हरियाणा का नंबर था। मामले में यशपाल को जमानत मिल गई।
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उसने कार को रिलीज कराने के लिए मुकेश नाम के व्यक्ति को मालिक बताते हुए अदालत में खड़ा किया। उसके नाम पर गाड़ी के कागज भी बनवाए। न्यायालय ने शुरुआती पड़ताल कराने के बाद कार रिलीज कराने के ऑर्डर दे दिए और पुलिस ने उसे रिलीज कर दिया। अब इस मामले की एसटीएफ ने जांच की तो पता चला कि वह कार तो गुरुग्राम से चोरी हुई थी।
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यही नहीं, उस पर जो नंबर था वह मोपेड का था। जिस मुकेश को उसने खड़ा किया था उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इस कारनामे में उसके साथ चार और साथी थे। एसटीएफ की सिफारिश पर हरिद्वार कोतवाली में यशपाल व उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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यशपाल के सहयोगी पुलिसकर्मियों को बैड एंट्री
यशपाल के खिलाफ यूपी एसटीएफ भी जांच कर रही है। इस बीच पता चला कि मेरठ के एक दरोगा और सिपाही ने भी उसका साथ दिया है। दोनों उसके कई कारनामों में मददगार रहे हैं। ऐसे में मेरठ पुलिस कप्तान ने दोनों को बैड एंट्री दी है। उनके खिलाफ जांच के आदेश भी दिए हैं।