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उत्तराखंड: नौलिंग मंदिर प्रशासन ने लिया अहम फैसला, बंद हुई सदियों से चली आ रही बलि प्रथा
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)
Updated Thu, 25 Oct 2018 08:19 AM IST
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नौलिंग मंदिर
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क्षेत्र के पोखरी गौलचौरा के नौलिंग मंदिर में अब बलि नहीं होगी। मंदिर समिति और पुजारी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में बलि प्रथा को बंद करने का निर्णय लिया गया है। मंदिर के पुजारी धर्मानंद जोशी ने बताया कि मंदिर में बलि से पहले पर्दा लग जाता है।
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मंदिर में भोग लगाकर बलि के समय कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इससे स्पष्ट है कि मंदिर में बलि से ईष्ट नौलिंग का कोई संबंध नहीं है। कहा कि अब भविष्य में मंदिर या परिसर में बलि नहीं होगी।
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बैठक में गोकुल सिंह, सर्वजीत सिंह बोरा, बच्चन सिंह, भुवन सिंह, गोपाल सिंह, जगत सिंह, सुरेश सिंह, पंकज सिंह, शंकर सिंह, हेमंत सिंह, गणेश सिंह, सुधीर सिंह, राजेंद्र सिंह, राम सिंह, कृपाल सिंह, पूरन सिंह, जगदीश सिंह, दलीप सिंह, जोग सिंह आदि थे।
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