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मिसाल: पूजा में अब नहीं दी जाएगी बकरे की बलि
ब्यूरो/अमर उजाला, कर्णप्रयाग (चमोली)
Updated Mon, 23 Mar 2015 11:38 PM IST
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उत्तराखंड के चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक स्थित बमौथ में ग्रामीणों ने बरसों से चली आ रही बलि प्रथा को खत्म कर मिसाल कायम की है। ग्रामीणों ने रावल देवता की पूजा अब श्रीफल और हवन यज्ञ से करने का फैसला किया है।
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अब तक ग्रामीण यहां हर नई फसल पर बकरे की बलि देते थे। सोमवार को आयोजित ग्रामीणों की बैठक में अब बलि न देने का फैसला किया गया।
प्रधान की अध्यक्षता में रखा प्रस्ताव
ग्राम प्रधान अध्यक्षता में हुई बैठक में रावल देवता के मंदिर में श्रीफल से पूजा करने का प्रस्ताव रखा गया।
कहा गया कि अब तक भले ही रावल देवता के मंदिर में बकरे की बलि दी जाती हो, लेकिन अब यहां श्रीफल और हवन यज्ञ कर पूजा की जानी चाहिए।
सबने जताई सहमति
इस पर ग्रामीणों ने सहमति देते हुए यहां बलि न करने का निर्णय लिया। गांव में सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए महिला मंगल दल का गठन किया गया।
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