खाने को न मिला तो गुस्साए गजराज ने बस पर कर दिया हमला, शीशे तोड़कर यात्रियों को खूब दौड़ाया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिंगोड़ा से मोहान तक इन दिनों हाथी का आतंक जारी है। आए दिन कोई ना कोई घटना घटित हो रही है। बृहस्पतिवार तड़के मोहान के पास हाथी ने सवारियों से भरी बस को रोक लिया और तोड़फोड़ करने लगा।
चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए सवारियों को धीरे-धीरे बस से उतार दिया, जब खाने को कुछ नहीं मिला तो हाथी ने बस का शीशा तोड़ डाला। रामनगर डिपो की बस संख्या यूके-07पीए-2486 दिल्ली से देघाट जा रही थी।
बस में चालक महेंद्र चंद्र और परिचालक हेम चंद्र थे। बस में 29 सवारियां थीं। छह दिसंबर को बृहस्पतिवार तड़के चार बजे के आसपास जब बस मोहान के आसपास पहुंची तभी सड़क पर अचानक हाथी आ गया।
हाथी के आने से बस में बैठी सवारियों में हड़कंप मच गया। हाथी ने अपनी सूंड को बस के अंदर डालने का प्रयास किया, लेकिन चालक बस को धीरे-धीरे पीछे की ओर चलाने लगा। सवारियों को एक-एक कर बस से उतारा।
जब बस से सवारियां उतर गईं, तब चालक बस को खड़ा कर खुद भी उतर गया। इसके बाद हाथी ने बस का आगे का शीशा और पीछे देखने वाला शीशा तोड़ डाला। करीब एक घंटे तक हाथी ने सड़क पर जमकर हंगामा काटा। बाद में वन कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर हाथी को खदेड़ा।
सवारियां निजी बस से देघाट के लिए रवाना हो गईं और चालक व परिचालक बस को लेकर रामनगर डिपो पहुंचे। यहां पर उन्होंने बस में शीशा लगवाया। एआरएम मोहन राम आर्या और स्टेशन प्रभारी नवीन आर्या ने बताया कि हाथी की वजह से इस रूट पर चलना मुश्किल हो रहा है। डर लगता है कि कहीं किसी दिन हाथी की वजह से कोई अनहोनी न हो जाए।