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Dehradun News: मौसमी बीमारियों का चौतरफा अटैक, बच्चे हो रहे बीमार
Thu, 04 Jan 2024 08:12 AM IST
देहरादून ब्यूरो
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jan 2024 08:12 AM IST
सार
सूखी ठंड के दौरान संक्रमण जनित रोग का खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान दिनचर्या और खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सबसे पहले ठंड से बचाव बहुत जरूरी होता है। खासकर बच्चों के मामलों में विशेष एहतियात बरतनी होती है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सूखी ठंड के बीच मौसमी बीमारियों ने बच्चों को जकड़ना शुरू कर दिया है। उप जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 100 से अधिक बच्चे पहुंच रहे हैं। सबसे अधिक मरीज वायरल फीवर (इन्फ्लुएंजा) के हैं। वहीं, दस्त, गलसुआ, टॉन्सिलाइटिस और निमोनिया के मामले भी सामने आ रहे हैं। चिकित्सकों ने सुबह-शाम चल रही शीतलहर को देखते हुए अभिभावकों को बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
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बुधवार को उप जिला अस्पताल की बाल रोग की ओपीडी में मरीजों की संख्या 150 रही। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केएस चौहान ने 100 और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू राणा ने 50 बच्चे देखे। इनमें से सबसे अधिक 130 वायरल फीवर के मरीज रहे। वहीं, विंटर डायरिया (दस्त) के 10, मम्प्स (गलसुआ) के पांच, टॉन्सिलाइटिस (गलगुटिकाशोथ) के तीन और निमोनिया की प्राथमिक स्टेज के दो मरीज मिले।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू राणा ने बताया कि सूखी ठंड के दौरान संक्रमण जनित रोग का खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान दिनचर्या और खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सबसे पहले ठंड से बचाव बहुत जरूरी होता है। खासकर बच्चों के मामलों में विशेष एहतियात बरतनी होती है। उन्होंने बताया कि बच्चों को पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाएं। ठंड में बाहर न जाने दें। फास्ट फूड बिल्कुल भी न खिलाएं। घर में बने गर्म भोजन के अलावा मौसमी सब्जी और फल खाने में दें। इससे बच्चे बीमारियों से सुरक्षित रहेंगे।