डीजल न मिलने से थमे 108 के पहिए
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सवा दो करोड़ रुपये की उधारी चढ़ने और सरकार द्वारा इसका भुगतान न करने पर पेट्रोल पंप संचालकों ने शुक्रवार को प्रदेश की 108 एंबुलेंस सेवा को डीजल देने से मना कर दिया।
इस वजह से 108 की प्रदेश में 36 एंबुलेंस अपनी सेवाएं नहीं दे पाईं। जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और कंपनी में हड़कंप मच गया।
जीवीके ईएमआरआई के स्टेट हेड का कहना है कि शासन से बातचीत के बाद बजट जारी हो गया है। पेट्रोल पंप मालिकों से बातचीत हो गई है। 108 के संचालन को सुचारु करने की कोशिश की जा रही है।
प्रदेश में 108 आपात कालीन सेवा संचालित करने वाली कंपनी जीवीके इमरजेंसी मैनेजमेंट एंड रिचर्स इंस्टीट्यूट (ईएमआरआई) की 146 एंबुलेंस हैं। कंपनी इन गाड़ियों में पंप संचालकों से उधार में डीजल भरवाती है।
ठप भी हो सकती है 108 एंबुलेंस सेवा
उधार बढ़ने और पिछले ढाई माह से भुगतान नहीं होने के चलते पंप संचालकों ने शुक्रवार को गाड़ियों को डीजल देने से मना कर दिया। इस वजह से कई एंबुलेंस खड़ी करनी पड़ गईं। सूत्रों की मानें तो बजट नहीं होने से कुछ एंबुलेंस की मरम्मत भी नहीं हो पा रही है। ऐसा ही रहा तो कुछ वक्त में इनका संचालन बंद हो जाएगा।
इनका है कहना
शासन से वार्ता के बाद बजट जारी कर दिया गया है। पेट्रोल पंप मालिकों से बातचीत के बाद भुगतान के लिए सोमवार तक का समय लिया गया है। तब तक पंप मालिक डीजल देने के लिए तैयार हैं। एंबुलेंस का संचालन सुचारु करने की कोशिश की जा रही है।
-मनीष टिंकू, स्टेट हेड, जीवीके ईएमआरआई।
108 आपात सेवा के तहत संचालित होने वाले वाहनों के ईंधन संबंधी भुगतान में कुछ तकनीकी दिक्कतों से यह समस्या आई है। जिसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था दी जा रही है, सोमवार तक सभी लंबित भुगतान कर दिए जाएंगे।
-सुरेंद्र सिंह नेगी, स्वास्थ्य मंत्री
108 आपात सेवा संचालक कंपनी का कुछ पुराना भुगतान रुका हुआ था। शासन ने शुक्रवार को बकाया भुगतान की बाबत मंजूरी दे दी जिससे वाहन सुचारु संचालित होंगे।
-जीसी जोशी, महानिदेशक स्वास्थ्य
कहां, कितने वाहन नहीं चले
देहरादून में 14 में 5 एंबुलेंस डीजल नहीं मिलने के कारण आपातकालीन सेवा के लिए नहीं जा सकीं। इस वजह से यहां 15 आपातकालीन मामलों में 108 की सेवाएं नहीं मिल पाईं।
इसी तरह हरिद्वार में नौ, अल्मोड़ा में तीन, बागेश्वर में एक, चमोली में छह, नैनीताल में दो, पिथौरागढ़ में तीन, रुद्रप्रयाग में एक, टिहरी में दो, ऊधमसिंह नगर में दो और उत्तरकाशी में दो एंबुलेंस के पहिए नहीं घूमे।
स्वास्थ्य मंत्री के क्षेत्र में भी संकट
स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी के गृह क्षेत्र कोटद्वार की 108 एंबुलेंस में सिर्फ एक फेरा लगाने के लिए डीजल बचा है। पेट्रोल पंपों ने अब बिना भुगतान के तेल देने से हाथ खडे़ कर दिए हैं।