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बुलेट प्रूफ बांस के ऐसे घर जिन पर न गोली असर होगी न भूकंप

Wed, 26 Aug 2015 03:31 PM IST
विजेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, हल्द्वानी
विजेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Wed, 26 Aug 2015 03:31 PM IST
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amazing bulletproof bamboo house.

उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित तराई पूर्वी वन प्रभाग में बुलेट प्रूफ बांस द्वारा भवन निर्माण की शुरूआत हो चुकी है। मैदानी इलाकों में सीमेंट-कंक्रीट के भवन की लागत की अपेक्षा इस तकनीक वाले भवन का मूल्य कुछ अधिक जरूर होता है लेकिन बांस के घरों पर बारिश, गर्मी या तूफान का कोई असर नहीं पड़ता है। इन घरों को न तो गोली भेद पाती है और न इन पर भूकंप का असर होता है।

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इस तकनीक का इस्तेमाल सियाचिन में बंकर निर्माण के लिए किया जाता है। बुलेट प्रूफ बैंबू बोर्ड (रिइनफोर्समेंट कांपैक्ट बैंबू मैटेरियल) को डिफेंसिव ग्रेड भी कहा जाता है। कुमाऊं में वन विभाग द्वारा बुलेट प्रूफ बांस तकनीकी से इंटरपेटेशन सेंटर भवन का निर्माण एक निजी एजेंसी से कराया जा रहा है।
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यहां आम लोगों को भी इस तकनीकी से घरों के निर्माण की जानकारी दी जाएगी। साथ ही लोगों को पर्यावरण और नई तकनीकी के बारे में भी बताया जाएगा। यह बोर्ड मजबूती में बेमिसाल है और काफी हल्का होने के साथ साथ इस पर पानी या कड़ी धूप का असर भी नहीं पड़ता है।

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18 लाख में बनकर तैयार होगा एक भवन

amazing bulletproof bamboo house.

एसडीओ एनसी पंत और जिला वन अधिकारी डॉ. पराग मधुकर कहते हैं रिइनफोर्समेंट कांपैक्ट बैंबू मैटेरियल से बने बोर्ड से दीवार, चौखट, खिड़की, खंभे आदि का निर्माण होगा। बहुत सीमित जगह पर कंक्रीट लगेगा। पूरे भवन में 18 लाख का खर्च आएगा। पहले चरण में दो बड़े कमरों का निर्माण होगा।

मैदानी इलाकों में भी निर्माण संभव
बांस के भवन की यह तकनीकी पहाड़ों के साथ साथ मैदानी इलाकों में भी इस्तेमाल की जा सकती है। पहाड़ों पर इसका खर्च सीमेंट कांक्रीट के निर्माण के लगभग बराबर आता है जबकि मैदानी इलाकों में यह तकनीकी जेब पर थोड़ा अधिक भार डालेगी। लेकिन इसका सबसे बड़ा लाभ होगा धूप, बारिश या भूकंप से बचाव।

आग, पानी व दीमक से भी बचाव
बांस की इस तकनीकी में सीमेंट, सरिया और पानी या लकड़ी का इस्तेमाल नहीं होता है, इसलिए यह पानी और लकड़ी की बचत के कारण ईको फ्रेंडली भी है। साथ ही भवन निर्माण के बाद आग, पानी या दीमक से कोई खतरा भी नहीं रहता है। लकड़ी काफी मजबूत होने के कारण हल्की और मजबूत है, जिसे जरूरत के हिसाब से कहीं भी ले जा सकते हैं।

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