अमर उजाला संवाद: मंच मिला तो उठी आवाज, ट्रैफिक व्यवस्था सुधरे तभी बढ़ेगा मसूरी में पर्यटन
- अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद में स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने ट्रैफिक बदहाली को बताया सबसे बड़ी दिक्कत
- पार्किंग, कूड़ा निस्तारण, पेयजल किल्लत, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, नए स्थलों का विकास जैसे मुद्दे भी उठे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पहाड़ों की रानी में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की जरूरत है। इसके बदहाली के कारण पर्यटक मसूरी से मुंह मोड़ रहे हैं। आए दिन मसूरी में ट्रैफिक जाम की खबरें पर्यटकों को डरा रही हैं। बड़ी संख्या में लोग इन अव्यवस्थाओं के चलते अपना कार्यक्रम रद्द कर दे रहे हैं। अमर उजाला की ओर आयोजित संवाद में स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने यह सब बातें कही।
साथ ही उन्होंने पार्किंग, कूड़ा निस्तारण, पेयजल किल्लत, स्वास्थ्य सुविधाओं की दुर्दशा और नए पर्यटन स्थलों के विकास जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की। स्थानीय विधायक गणेश जोशी, पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता, डीआईजी अरुण मोहन जोशी और अन्य विभागीय अधिकारियों ने लोगों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि मसूरी शहर को देश का सबसे खूबसूरत व सुविधायुक्त हिल स्टेशन बनाने के लिए सब को मिलजुल कर प्रयास करने होंगे।
बृहस्पतिवार को होटल मधुबन हाईलैंड्स में आयोजित संवाद में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने शहर को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि मसूरी शहर और दून-मसूरी रोड पर आए दिन लगने वाले जाम के चलते पर्यटक अब यहां आने से बचने लगे हैं। लोगों को दिल्ली से दून पहुंचने में उतना समय नहीं लगता, जितना दून से मसूरी पहुंचने में लगता है।
घंटों जाम में फंसे रहने के बाद पर्यटक जब मसूरी पहुंचते हैं तो उन्हें वाहन पार्क करने की जगह तक नहीं मिलती। इससे टूरिज्म इंडस्ट्री में मसूरी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। कारोबारियों और जनप्रतिनिधियों ने शहर में वन-वे व्यवस्था लागू करने की मांग की। विशेषकर हरिद्वार से मसूरी दर्शन के लिए आने वाली बसों को वापस शहर में आने से रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन्हीं बसों के कारण सबसे ज्यादा जाम की दिक्कत होती है।
होटल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष सचिन साहनी ने कहा कि मसूरी से सरकार को सालाना 150 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। लेकिन, अब मसूरी में टूरिज्म की क्वालिटी गिर रही है। हरिद्वार से आने वाली बसों और डे विजिटर पर्यटकों के वाहनों को लाइब्रेरी चौक से कैम्पटी होते हुए विकासनगर के लिए भेजा जाना चाहिए।
लोगों ने 2010 से शहर में सीवर लाइन बिछाने की योजना अब तक पूरी न होने, पेयजल किल्लत, अस्पतालों की दुर्दशा पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 10 वर्ष बीतने के बाद भी सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टर तक नहीं हैं, जिसके कारण लोगों को छोटे इलाज के लिए भी दून के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
कार्यक्रम में इन्होंने की सहभागिता
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक गणेश जोशी, नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता, लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एडमिनिस्ट्रेटिव एकेडमी के निदेशक संजीव चोपड़ा, डीआईजी अरुण मोहन जोशी, होटल मधुबन हाईलैंड्स के मालिक एसपी कोचर, नगर पालिका सभासद जसबीर कौर, आरती अग्रवाल, गीता कुमाई, नंदलाल, नगर कांग्रेस अध्यक्ष गौरव अग्रवाल, मसूूरी ट्रेड एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल व सचिव जगजीत कुकरेजा, एमडीडीए के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर श्याम मोहन शर्मा, एमएचए के महासचिव संजय अग्रवाल, होटल मधुबन हाईलैंड्स के मनु कोचर, होटल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष संदीप साहनी, सोशल एम्पावरमेंट टू उत्तराखंड (सेतु) के सचिव आलोक महरोत्रा, संयुक्त सचिव राजेश गोयल, जीएस मनचंदा, पर्यटन विभाग के जन संपर्क अधिकारी कमल किशोर जोशी, जल संस्थान के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एसके सैनी, एई टीएस रावत, आरओ कैंपटी नीलम बर्थवाल, इतिहासकार गोपाल भारद्वाज, पेयजल निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुभाष चंद्र, एई आरके कांबोज और कमांडर प्रकाश महरोत्रा शामिल हुए।
मूसरी के क्रिंकेग पहुंचोगे तो गाड़ी छोड़नी पड़ेगी
बृहस्पतिवार को अमर उजाला संवाद में पहुंचे डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि इस पर्यटन सीजन से सभी पार्किंग फुल होने के बाद ही देहरादून से मसूरी जाने वाले वाहनों पर रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मसूरी की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए सचिव गृह खुद योजनाओं पर नजर बनाए हुए हैं। मसूरी को पूरी तरह व्हीकल फ्री करने की योजना है। अगले कुछ वर्षों में रोपवे का निर्माण कर लिया जाएगा।
इसके बाद मसूरी पहुंचने वाले पर्यटकों को मुफ्त गोल्फ कार्ट से शहर की सैर कराई जाएगी। इससे पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि शिव मंदिर और जाखन में वाहनों की पार्किंग बनेगी। यहां से केवल स्थानीय वाहन ही मसूरी की तरफ जा सकेंगे। बोलेविया के लापास की ट्रैफिक व्यवस्था का अध्ययन कर योजना पर काम किया जा रहा है।
हेलीपैड से लगेंगे पर्यटन को पंख : संजीव चोपड़ा
लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एडमिनिस्ट्रेटिव एकेडमी (एलबीएसएनएए) के निदेशक संजीव चोपड़ा ने मसूरी में पर्यटन की बेहतरी के लिए हेलीपैड की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को सुविधाएं मिलने से मसूरी में इनकी संख्या बढ़ेगी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1985 में मसूरी के पर्यटन उद्योग में गिरावट आई तो यहां एलबीएसएनएए की स्थापना की गई। उस समय प्रशिक्षु अधिकारी और उनके अभिभावक मसूरी के स्थानीय बाजारों से खरीदारी करते थे। ड्रेस, जूते, बैग, किताबें समेत अन्य सामान स्थानीय दुकानदारों से खरीदते थे। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षु अधिकारियों और दुकानदारों के बीच मधुर संबंध होते थे।
कई बार उधार भी सामान दे देते थे। उन्होंने कहा कि समय बीतने के साथ मसूरी में पर्यटकों की संख्या में खासी बढ़ोतरी हुई है। लेकिन इसके साथ ढांचागत विकास नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने बिजली और पानी की आपूर्ति पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि शहर में ट्रैफिक, पार्किंग, सफाई जैसी व्यवस्थाओं में सुधार की बहुत जरूरत है।