{"_id":"66aee22386e11a199f06500a","slug":"amar-ujala-samvad-dialogue-will-discuss-the-nature-and-quality-of-education-by-educationists-2024-08-04","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Amar Ujala Samvad: संवाद में होगा शिक्षा के स्वरूप और गुणवत्ता पर मंथन, शिक्षाविद् करेंगे भविष्य पर चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amar Ujala Samvad: संवाद में होगा शिक्षा के स्वरूप और गुणवत्ता पर मंथन, शिक्षाविद् करेंगे भविष्य पर चर्चा
Sun, 04 Aug 2024 07:37 AM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
Published by: अनुज कुमार
Updated Sun, 04 Aug 2024 07:37 AM IST
सार
संवाद में शिक्षा के स्वरूप और गुणवत्ता पर मंथन आज मंथन होगा। कार्यक्रम में जाने-माने शिक्षाविद् शिक्षा के भविष्य पर चर्चा करेंगे। अमर उजाला संवाद कार्यक्रम देहरादून में हो रहा है। इसके अलावा उसमें सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी देंगे।
विज्ञापन
अमर उजाला संवाद
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम के शिक्षा पर आधारित विशेष सत्र में देश के जाने-माने शिक्षाविदों के साथ ही शिक्षा नीतियों को अमलीजामा पहनाने वाले अधिकारी भी शिक्षा के स्वरूप और उसकी गुणवत्ता पर मंथन करेंगे। इसके अलावा वह देश में शिक्षा के भविष्य पर विस्तार से चर्चा करने के साथ उसमें सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी देंगे।
विज्ञापन
इस सत्र में उच्च तकनीकी और निजी शिक्षा सचिव शैलेश बगोली, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सदस्य सचिव प्रो. राजीव कुमार और ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष कमल घनशाला अपने विचार रखेंगे। इस विशेष सत्र में शिक्षाविद् शैक्षिक नीतियों के महत्व और उनका शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभाव पर अपने विचार रखेंगे।
विज्ञापन
इसके अलावा उत्तराखंड और देश की विभिन्न शैक्षिक नीतियों की भी समीक्षा करने के साथ उनके प्रभावों का विश्लेषण भी करेंगे। सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर सचिव बगोली उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की ओर से तैयार रोडमैप रखेंगे। इसके साथ ही वह शिक्षा के क्षेत्र में भावी संभावनाओं और चुनौतियों पर शिक्षाविदों के साथ मिलकर विस्तार से चर्चा करेंगे।
विज्ञापन