फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Amar Ujala Padtal Fear of bears going to school is a problem for students here In chamoli

अमर उजाला पड़ताल: कैसी है पाठशाला? भालू का डर...यहां छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय जाना ही मुसीबत

Tue, 09 Sep 2025 03:52 PM IST
अलका त्यागी प्रमोद सेमवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर ( चमोली)
प्रमोद सेमवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर ( चमोली) Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 09 Sep 2025 03:52 PM IST
सार

जूहा स्कूल स्यारी बंगाली में 91 और प्राथमिक विद्यालय स्यांरी में 15 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय तक आने में छात्रों को करीब एक किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।

विज्ञापन
Amar Ujala Padtal Fear of bears going to school is a problem for students here In chamoli
कनस्तर बजाकर स्कूल जाते बच्चे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

चमोली जनपद के जूनियर हाईस्कूल स्यारी बंगाली में विद्यालय भवन बेहतर स्थिति में है। शिक्षक और संसाधन भी पर्याप्त हैं। फिर भी छात्र-छात्राएं डरते हुए विद्यालय पहुंचते हैं। इसका कारण है विद्यालय के आसपास भालुओं का घूमना। कब भालू छात्र-छात्राओं पर झपट्टा मार दें, कहा नहीं जा सकता है। विद्यालय प्रबंधन ने वन विभाग के अधिकारियों के सामने भी यह समस्या रखी, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। भालू कई बार दिन में भी विद्यालय के समीप घूमते दिख रहा है। उसके साथ बच्चे भी हैं।

विज्ञापन


जूहा स्कूल स्यारी बंगाली में 91 और प्राथमिक विद्यालय स्यांरी में 15 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय तक आने में छात्रों को करीब एक किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। विद्यालय का रास्ता जंगल और खेतों के बीच से होकर गुजरता है। जिससे भालू, जंगली सुअर, गुलदार, घुरड़ जैसे वन्यजीव विद्यालय परिसर तक पहुंच जाते हैं। कई बार अभिभावक अपने बच्चों को छोड़ने विद्यालय तक जाते हैं।
विज्ञापन


इन दिनों विद्यालय से करीब 300 मीटर की दूरी पर धारकोट और रिख्वाड़ी तोक में भालू अपने बच्चों के साथ रह रहा है। बदरीनाथ वन प्रभाग के कर्मियों ने प्रभावित क्षेत्र में जाकर भालू को भगाने के लिए पटाखे फोड़े और ग्रामीणों को जागरूक रहने के लिए उनके साथ बैठक की।
विज्ञापन
विज्ञापन


Uttarkashi: यमुनोत्री हाईवे 17 दिनों से बंद, खरसाली गांव से गर्भवती महिला को एयर लिफ्ट कर एम्स भेजा

विद्यालय के समीप ही कई बार भालू दिखाई दिया है। वह अपने बच्चों के साथ खेतों में पहुंच रहा है। जिससे छात्र-छात्राओं में दहशत है। विद्यालय के बड़े छात्र कनस्तर और छोटे बच्चे प्लास्टिक की सीटी बजाते हुए विद्यालय पहुंच रहे हैं। उनके साथ भोजन माता और शिक्षक टीका प्रसाद सेमवाल की ड्यूटी लगाई गई है।
- नेत्री लाल आर्य, प्रधानाचार्य, जूनियर हाईस्कूल, स्यारी बंगाली

भालू को जंगल की ओग भगाने के लिए खेतों में पटाखे जलाए गए। साथ ही वनकर्मियों की लंबी दूरी की गश्त बढ़ाई गई है। ग्रामीणों के साथ जागरुकता गोष्ठी भी आयोजित की गई है।
-हेमंत सिंह बिष्ट, रेंजर, बदरीनाथ वन प्रभाग

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed