ज्योतिष महाकुंभ में बोले ज्योतिषी, तंत्र-मंत्र नहीं विज्ञान है ज्योतिष
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अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ का शुभारंभ हो चुका है। क्लेमेंटटाउन स्थित ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में महामहिम राज्यपाल डॉ. केके पॉल ने सुबह 10:45 मिनट पर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का आगाज किया।
ज्योतिष महाकुंभ में देश के जाने-माने ज्योतिषी शिरकत कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र में बोलते हुए प्रख्यात ज्योतिषी बेजन दारूवाला ने आयोजन के लिए आयोजन के लिए अमर उजाला की तारीफ की।
कयामत तक रहेगा अमर उजाला
देश के मशहूर ज्योतिषी बेजन दारूवाला ने अंकगणित के आधार पर भविष्यवाणी की कि कयामत तक अमर उजाला बना रहेगा। उन्होंने कहा कि अंकगणित में अमर का अंक 8 और उजाला का अंक 12 होता है। दोनों का जोड़ 20 हो रहा है। जो प्रभावशाली बने रहने का प्रतीक है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि अमर उजाला कयामत तक रहेगा और यह लगातार बुलंदियों को छूता जाएगा।
वहीं पद्मेश इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेज के संरक्षक और जाने-माने ज्योतिषविद केए दुबे पदमेश ने कहा ज्योतिष को विज्ञान की शाखा बताया। कहा कि ज्योतिष कोई तंत्र-मंत्र नहीं है। भारत में ज्योतिष की बहुत ही समृद्ध परंपरा रही है।
वहीं महामहिम राज्यपाल ने संबोधन में कहा कि ज्योतिष एक महत्वपूर्ण विधा है। इस पर अभी बहुत शोध करने जरूरी हैं ताकि इसे और वैज्ञानिक और विश्वसनीय बनाया जा सके।
महाकुंभ में पहुंचे जाने-माने ज्योतिषी
ज्योतिष महाकुंभ में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में ज्योतिषी पहुंचे हैं। इनमें बेजन दारूवाला, केए दुबे पद्मेश, नस्तूर दारूवाला, स्टाइलिश फैमिली गुरू जय मदान जैसे जाने-माने नाम पहुंच चुके हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। निशुल्क महाकुंभ में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए अलग-अलग हिस्सों में व्यवस्था की गई है। ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर और सेकेंड फ्लोर पर अलग-अलग ज्योतिषियों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
अभी तक ज्योतिष महाकुंभ में भाग लेने के लिए दो हजार लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर एंट्री दी गई है। विवि की सीएसआईटी बिल्डिंग में प्रवेश करते ही रिसेप्शन पर एंट्री की व्यवस्था है। यहां दो अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं। एक काउंटर पर वो लोग उपस्थित दर्ज कराएंगे, जिनके पास पंजीकरण का टिकट है। दूसरे काउंटर पर वो लोग आएंगे, जिनके पास पंजीकरण का कोई टिकट नहीं है।