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अमर उजाला खास: हरकी दून बनेगा प्रदेश का पहला ट्रेकिंग क्लस्टर, साहसिक पर्यटन को मिलेगी रफ्तार
Sat, 17 Jul 2021 03:02 PM IST
अलका त्यागी
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sat, 17 Jul 2021 03:02 PM IST
सार
प्रदेश में साल भर पर्यटन को संचालित करने के लिए नए साहसिक पर्यटन स्थल विकसित किए जा रहे हैं।
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trekking
- फोटो : istock
विस्तार
उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की रफ्तार बढ़ाने देने के लिए सरकार का ट्रेकिंग कलस्टर को बढ़ावा देने पर फोकस है। उत्तरकाशी जिले के हरकी दून को प्रदेश का पहला ट्रेकिंग कलस्टर बनाया जाएगा। इसके लिए अंगोड़ा गांव में पर्यटन विभाग ने जमीन चिन्हित कर ली है। दो माह में यह क्लस्टर तैयार हो जाएगा।
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प्रदेश में साल भर पर्यटन को संचालित करने के लिए नए साहसिक पर्यटन स्थल विकसित किए जा रहे हैं। जहां पर साहसिक पर्यटकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए ट्रेकिंग कलस्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में विभिन्न विभागों और गढ़वाल मंडल विकास निगम की खाली पड़ी संपत्ति का इस्तेमाल कर उसे ट्रेकरों की सुविधा के लिए विकसित किया जाएगा।
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जिसे स्थानीय स्तर पर एडवेंचर सोसायटी के माध्यम से संचालित किया जाएगा। उत्तरकाशी जिले में हरकी दून ट्रेकिंग के लिए काफी प्रसिद्ध है। जहां पर देश दुनिया के ट्रेकर आते हैं। पर्यटन विभाग की ओर से हरकी दून में ट्रेकिंग क्लस्टर बनाया जाएगा। इसके लिए अंगोड़ा गांव में जगह चयनित कर ली गई है।
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प्रदेश में यह है ट्रेकिंग कलस्टर
ट्रेकिंग रूट के आसपास के गांवों को मिलाकर ट्रेकिंग क्लस्टर बनाया जाता है। ट्रेकिंग के लिए आने वाले पर्यटक सबसे पहले क्लस्टर में आते हैं। जहां पर ट्रेकरों की सुविधा के लिए ट्रेकिंग उपकरण व सामान की दुकानें होगी।
धार्मिक पर्यटन के साथ साहसिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के ट्रेकिंग रूटों पर सुविधाएं विकसित करने के लिए ट्रेकिंग क्लस्टर पर फोकस है। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं देश-दुनिया से आने वाले ट्रेकरों को दूरस्थ क्षेत्रों में सुविधाएं मिलेंगी। इससे साहसिक पर्यटन के लिए पर्यटक उत्तराखंड की तरफ आकर्षित होंगे। जो सरकारी संपत्ति उपयोग में न होने से खंडहर हो रही है। उसे सामुदायिक प्रबंधन बनाने का प्रयास है।
- दिलीप जावलकर, सचिव पर्यटन विभाग, उत्तराखंड