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अमर उजाला एक्सक्लूसिव : बाजार उधारी की तनी हुई रस्सी पर चल रही है उत्तराखंड सरकार

Tue, 29 Sep 2020 11:05 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal सुधाकर भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
सुधाकर भट्ट, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 29 Sep 2020 11:05 AM IST
सार

  • दो प्रतिशत की छूट पाने के लिए हर हालत में सुधार करना भी मजबूरी
  • वित्त आयोग ने लचीले रुख का दिया संकेत, राज्य को होगा फायदा

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Amar Ujala Exclusive: Uttarakhand government is running on a tight rope of market debt
trivendra singh rawat(file photo) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

बाजार उधारी की तनी हुई रस्सी पर चल रही सरकार को दो प्रतिशत की छूट हर हाल में पानी होगी। वित्त आयोग की ओर से बाजार उधारी की सीमा को लेकर लचीला रुख अपनाया जाता है तो राज्य को भी फायदा होगा। दो प्रतिशत की छूट मिलने पर राज्य को करीब 4600 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिल रहे हैं। वैसे प्रदेश सरकार ने करीब 1000 करोड़ रुपये की बाजार उधारी की जरूरत का अनुमान लगाया है।

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इस समय एफआरबीएम एक्ट के तहत प्रदेश सरकार सकल घरेलु उत्पाद या जीडीपी का तीन प्रतिशत तक ही बाजार से उधार उठा सकती है। इसमें जरूरी सुधार के तहत दो प्रतिशत की छूट केंद्र सरकार ने हाल ही में दी है। मुसीबत यह है कि इस छूट को पाने के लिए राज्य सरकार को कुछ सुधार भी करने हैं और यह इतना आसान भी नहीं है। इस हिसाब से राज्य करीब एक हजार करोड़ तक की बाजार उधारी ले सकता है।
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अब 15 वें वित्त आयोग की ओर से इस बाजार उधारी सीमा को बढ़ाने का संकेत दिया गया है। आयोग का कहना है कि बाजार उधारी की एक निश्चित सीमा नहीं होनी चाहिए बल्कि इसकी एक रेंज होनी चाहिए। मसलन तीन प्रतिशत की बजाय यह तीन से चार प्रतिशत के बीच में हो सकती है।
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वित्त विभाग के मुताबिक छोटा राज्य होने के कारण उत्तराखंड को इसका खासा फायदा मिल सकता है। राज्य इस समय तय सीमा के अंतर्गत काम कर रहा है। ऐसे में रेंज मिलने पर बाजार उधारी के अन्य विकल्प भी राज्य को मिल जाएंगे।

आज मिल सकते हैं 500 करोड़

राज्य ने इस बार भी आरबीआई की ओर से 29 सितंबर को हो रही नीलामी में 500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। वित्त विभाग का कहना है कि मंगलवार को यह नीलामी होगी और राज्य को एसडीएल के तहत 500 करोड़ रुपये मिलेंगे। माह के अंत में वेतन आदि की जरूरत को पूरा करने के लिए यह प्रस्ताव आरबीआई को भेजा गया गया था।

आयोग की तरफ से अगर बाजार उधारी की सीमा को लेकर लचीला रुख अपनाया जाता है तो यह राज्य के लिए भी बेहतर होगा। राज्य के पास बाजार उधारी का अधिक विकल्प मौजूद रहेगा। हालांकि इसका नुकसान यह भी हो सकता है कि राज्य अधिक उधारी की ओर बढ़ेगा।
- अमित नेगी, सचिव वित्त

राजकोषीय घाटा सात हजार करोड़ के पार, और बढ़ेगा

पिछले कुछ समय में राजकोषीय घाटे को सीमा के अंदर रखने का फायदा राज्य को मिलेगा। बजट में इस बार सरकार ने करीब 7594 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाया है। यह जीडीपी के तीन प्रतिशत से अधिक है। कोरोना की वजह से यह घाटा और बढ़ सकता है।

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