अमर उजाला एक्सक्लूसिव : आतंकियों को बेनकाब करेगा ‘फेस रिकग्निशन सिस्टम’, कुंभ में सुरक्षा की दृष्टि से भेजा प्रस्ताव
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योजना पर मुहर लगी तो अगले महीने शुरू होने वाले हरिद्वार महाकुंभ में खलल डालने की मंशा रखने वाले आतंकी या अराजक तत्व सीसीटीवी कैमरे से बच नहीं पाएंगे। इसके लिए मेला क्षेत्र में फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के इस्तेमाल की तैयारी है। मेला के पुलिस अधिकारियों ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलते ही सीसीटीवी कैमरों में सिस्टम लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पहली जनवरी से हरिद्वार कुंभ का शुभारंभ हो जाएगा। कुंभ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। लिहाजा कुंभ को सकुशल संपन्न कराने की जिम्मेदारी प्रदेश के तेजतर्रार पुलिस अधिकारी आईजी संजय गुंज्याल और एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी को सौंपी गई है।
कुंभ की सुरक्षा के लिए दोनों अधिकारी लगातार जायजा लेकर व्यवस्था दुरुस्त करने में लगे हैं। कुंभ में कोई असामाजिक तत्व या आतंकवादी खलल न डालें, इसके लिए अभेद्य सुरक्षा की जा रही है। इस बार सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ कई आधुनिक उपकरण लगाने की तैयारी है। इन्हीं उपकरणों में से एक है फेस रिकग्निशन सिस्टम। इसकी मदद से असामाजिक तत्व और आतंकी सीसीटीवी कैमरे में आसानी से पहचान में आ सकेंगे।
सिस्टम ऐसे पहचानेगा चेहरा
यह ऐसी तकनीक है, जिससे उन चेहरों को आसानी से बेनकाब किया जा सकेगा, जो कुंभ में खलल डालने की मंशा से आएंगे। एफआरएस तकनीक के मुताबिक, अब तक उपलब्ध सभी अवांछित तत्वों की तस्वीरें पहले से ही अपलोड कर ली जाएंगी। कंट्रोल रूम को यह मैसेज मिल जाएगा कि पहले अपलोड की गई तस्वीर वाला व्यक्ति यहां दिखा है। इसके बाद उसे पकड़ा जाएगा।
कुंभ में सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम
एफआरएस तकनीक की खास बात यह है कि जिस व्यक्ति की तस्वीर पहले से अपलोड की गई होती है, उससे मेल खाता व्यक्ति जैसे ही कैमरे की निगाह में आता है तो उसकी खबर तुरंत कंट्रोल रूम के पास पहुंच जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीक कुंभ में सुरक्षा के लिहाज से अहम साबित होगी।
महाकुंभ में सुरक्षा की तैयारियों को लेकर कई स्तर पर काम चल रहा है। फेस रिकग्निशन सिस्टम का प्रस्ताव तैयार कर शासन में भेजा गया है। मुहर लगते ही जल्द इसे लगवाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, कुंभ मेला