आस्था जगी तो गंगा को बचाने आए मूक बधिर
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अमर उजाला की पहल पर पांच अक्तूबर से चल रहे गंगा सफाई अभियान के तहत रविवार को दस हजार लोग जुटे। अभियान के आठवें दिन हरकी पैड़ी से कनखल और ज्वालापुर तक के घाटों की सफाई की।
शांतिकुंज के स्वयंसेवी, उत्तराखंड पुलिस और विभिन्न संगठनों के साथ तीन राज्यों से पहुंचे मूक-बधिरों ने भी गंगा सफाई कर पुण्य कमाया। शांतिकुंज के आह्वान पर उत्तराखंड और यूपी के 16 जिलों से करीब सात हजार स्वयंसेवी सुबह आठ बजे हरिद्वार पहुंचे।
सभी स्वयंसेवियों ने दोपहर तक हरकी पैड़ी से ललतारौ पुल तक सफाई अभियान चलाया। इनके अलावा दर्जनों संगठनों और संस्थाओं के करीब तीन हजार स्वयंसेवियों ने भी शहर के विभिन्न घाटों की सफाई की। इनमें उत्तराखंड पुलिस के 200 अधिकारी एवं जवान भी शामिल हुए।
100 मूक बधिर भी पहुंचे गंगा की सफाई करने
जवानों ने डामकोठी घाट से करीब तीन ट्रक कूड़ा बाहर निकाला। जबकि राज्य बधिर महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष संदीप अरोड़ा के आह्वान पर देहरादून, रुद्रपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और हरियाणा से करीब सौ मूक-बधिरों न हरिद्वार पहुंचकर गंगा सफाई में योगदान दिया।
इन्होंने गंगा से कूड़ा बाहर निकालकर सड़क तक पहुंचाया। नगर निगम ने साथ-साथ कूड़ा उठवाने की व्यवस्था की ।
रविवार को गंगा की सफाई करने हरिद्वार के अलावा रुड़की, देहरादून, सहारनपुर, धामपुर से भी मूक-बधिर पहुंचे। प्रेमनगर आश्रम घाट पर पांच घंटे चले इनके अभियान को सभी ने सराहा।
राज्य बधिर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप अरोड़ा ने बताया कि वह सभी अमर उजाला में खबर पढ़कर अभियान का हिस्सा बने। उन्होंने बताया कि आज महासंघ के 100 सदस्य अभियान का हिस्सा बने।
इनका रहा सहयोग
देहरादून से दीपक जोशी, शक्ति पुंडीर, गीता जुयाल, शिवानी पुंडीर, संजय, खेम सिंह। रुड़की से सचिन सैनी, जसपीत सिंह, चेतन सैनी, राकेश कुमार।
हरिद्वार से मोंटू सरदार, अवनीश, जय सिंह, सुरेंद्र कुमार, मुकुल शर्मा, शैलेश। धामपुर से निशांत कुशवाहा। सहारनपुर से राहुल वर्मा, चिराम, अभिषेक राठी आदि।
गंगा सफाई अभियान की सूचना संगठन की ओर से दी गई थी। उसके बाद जल्द काम निपटाया और हरिद्वार पहुंच गई।
- गीता जुयाल, देहरादून
अमर उजाला में गंगा सफाई अभियान के बारे में पढ़ा था। उसके बाद यहां आकर लोगों को सफाई करते देखा तो वह भी सफाई करने जुट गई।
- शिवानी पुंडीर, देहरादून
वह लगातार अखबार में गंगा सफाई के बारे में पढ़ रहे थे। रविवार को उनके संगठन की ओर से सामूहिक रूप से गंगा की सफाई करने का निर्णय लिया।
- सचिन सैनी, रुड़की
गंगा सफाई के लिए एक दिन का समय सभी को निकालना चाहिए। वह भी अन्य लोगों से प्रेरित होकर सफाई करने पहुंच गए।
- दीपक जोशी, देहरादून
जितनी भी गंगा से गंदगी निकाली गई है वह लोगों द्वारा ही की गई है। हमें गंगा को स्वच्छ रखने के लिए इसमें पूजा आदि सामान डालने से बचना चाहिए।
- अतुल राठौर, हरिद्वार