अमर उजाला अभियान: 15 साल से पटाखों से दूरी बनाने की अलख जगा रहे इकोमैन डॉ. एमएस मेहता
- मिशन ट्रूू बायोलॉजिस्ट के संस्थापक डॉ. एमएस मेहता दीपावली पर हर साल करते हैं हजारों युवाओं को जागरूक
- उनके अभियान से वर्ष 2009 में बड़े पैमाने पर आई थी प्रदूषण में कमी, इस साल भी इको-दिवाली मनाने की अपील शुरू
विस्तार
दीपावली पर पटाखों के बढ़ते प्रचलन के विरोध में पर्यावरणविद् डॉ. एमएस मेहता 15 साल से अभियान चला रहे हैं। वह हर साल दीपावली से कुछ समय पहले मिशन इको-दिवाली शुरू करते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों और युवाओं को मिशन से जोड़ते हैं। उनका कहना है कि इस मिशन का लाभ यह हो रहा है कि पटाखों के इस्तेमाल में हर साल कमी आ रही है।
मिशन ट्रूू बायोलॉजिस्ट के संस्थापक डॉ. एमएस मेहता इकोमैन ने बताया कि उन्होंने दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को देखते हुए वर्ष 2005 में मिशन इको-दिवाली की शुरुआत की थी। अब तक करीब एक लाख युवा और बच्चे इस मिशन में शामिल हो चुके हैं।
इसके तहत वह पटाखों का इस्तेमाल न करने को लेकर युवाओं को लेकर रैलियां निकालते हैं। इसके अलावा चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता के साथ ही हस्ताक्षर अभियान भी चलाते हैं। हस्ताक्षर अभियान के तहत अब तक एक लाख से ज्यादा लोग हस्ताक्षर करके आतिशबाजी न करने का संकल्प ले चुके हैं।
पटाखे, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद नहीं पारंपरिक दीये जलाएं
डॉ. एमएस मेहता के मुताबिक, उनका मकसद है कि हर दीपावली पर लोग पटाखे और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का इस्तेमाल न करें। इसके बजाय हर घर मिट्टी के दीयों से रोशन हों। इससे एक ओर जहां पर्यावरण बचेगा तो दूसरी ओर दीये बनाने वाले गरीबों की दीपावली भी रोशन हो सकेगी।
दो साल में 40 प्रतिशत कम हो गया था प्रदूषण
डॉ. मेहता के मुताबिक, उनके अभियान का ही असर रहा है कि वर्ष 2007 से 2009 तक शहर के प्रदूषण में दीपावली के समय 40 प्रतिशत की कमी आ गई थी। उन्होंने बताया कि पटाखे न जलाने से एक ओर जहां वायु प्रदूषण कम होता है तो दूसरी ओर ध्वनि प्रदूषण भी नहीं होता है।
लोग उठाने लगे आवाज, नहीं जलाएंगे पटाखे
अमर उजाला की अपील का असर नजर आने लगा है। बड़ी संख्या में लोगों ने अमर उजाला के साथ कदम मिलाकर पटाखे न चलाने का आह्वान किया। ऐसे तमाम संदेश व्हॉट्सएप के माध्यम से अमर उजाला के पास पहुंचे।
आओ मिलकर करें अपील
अगर आप भी दीपावली पर पटाखे न जलाने के पक्ष में हैं तो लोगों से अपील करें। हो सकता है कि आपकी अपील पर्यावरण बचाने में मील का पत्थर साबित हो जाए। अपनी अपील हमें मोबाइल नंबर 7617566171 पर व्हाट्सएप कर सकते हैं। चुनिंदा अपील को अमर उजाला अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा। अपने संदेश के साथ अपना नाम और पता जरूर लिखें।