फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Amar Ujala Apanatva Abhiyan : children and family become helpless, government is the only hope

अमर उजाला अपनत्व अभियान : कोरोना से बच्चे हुए बेसहारा, अब सरकार का ही आसरा

Sat, 29 May 2021 06:19 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 29 May 2021 06:19 PM IST
सार

उत्तराखंड में कोरोना महामारी ने जिन बच्चों से उनके माता-पिता को छीन लिया है। अमर उजाला ने उनकी पहचान के लिए यह अभियान शुरू किया है। ऐसे बच्चों के बारे में जानकारी हो तो हमें 7617566171 पर व्हाट्सअप के जरिए या ddn-cityreporter@amarujala.com पर मेल करें।

विज्ञापन
Amar Ujala Apanatva Abhiyan : children and family become helpless, government is the only hope
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत - फोटो : एएनआई

विस्तार

कोरोना ने प्रदेश के कई घर तबाह कर दिए। कई घरों के कमाने वाले नहीं बचे। भविष्य से पहले इन परिवारों के सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है। कईयों के तो रिश्तेदारों ने भी हाथ खींच लिए हैं। लेकिन सरकार की वात्सल्य योजना से उम्मीद जगी है कि शायद अब उन्हें किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े। अमर उजाला का ये अभियान इन बच्चों और परिवार को मदद मिलने तक जारी रहेगा।

विज्ञापन


अमर उजाला का अभियान: उत्तराखंड में माता-पिता को खो चुके बच्चों के लिए पहल, आप भी दीजिए इनकी जानकारी
विज्ञापन


उत्तराखंड में कोरोना महामारी ने जिन बच्चों से उनके माता-पिता को छीन लिया है। अमर उजाला ने उनकी पहचान के लिए यह अभियान शुरू किया है। ऐसे बच्चों के बारे में जानकारी हो तो हमें 7617566171 पर व्हाट्सअप के जरिए या ddn-cityreporter@amarujala.com पर मेल करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


अमर उजाला अपनत्व अभियान : इन बच्चों पर कोरोना ने दिखाई क्रूरता, आप दिखाइए ममता

पत्नी, पुत्री और मां को बेसहारा छोड़ गए भद्री 
ऋषिकेश नगर निगम के अंतर्गत 244/3 आदर्शनगर ऋषिकेश में पंडित शिव प्रसाद भद्री का कोरोना से निधन हो गया। बीते 24 अप्रैल से वह हिमालयन जौलीग्रांट अस्पताल में आईसीयू में भर्ती थे। कोरोना संक्रमित होने के चलते 14 मई को वह जिंदगी की जंग हार गए।

वह अपने पीछे अपनी पत्नी आरती (45), मां गायत्री देवी (76) और और दो पुत्रियां कुसुम (21), राधिका (17) को बेसहारा छोड़ गए हैं। उनकी दो बड़ी बेटी इंदू (25) और श्वेता (22) का विवाह हो चुका है। पंडित शिवप्रसाद भद्री पूजा पाठ का काम करते थे, जिससे उनके परिवार का भरण पोषण होता था। वही अपने परिवार में इकलौते कमाने वाले थे। ऐसे में पूरे परिवार के लिए भरण पोषण का संकट पैदा हो गया है। 

इलाज के लिए कर्ज लिया फिर भी नहीं बची जान
हल्द्वानी में कोरोना का इलाज कराने के लिए तारादत्त ने तीन लाख आठ हजार रुपये का कर्ज लिया, लेकिन इसके बाद भी उनकी जान नहीं बच सकी। एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पिता की मौत से नाबालिग बच्चों के आगे गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

मुक्तेश्वर कोटला छोटा निवासी 44 वर्षीय तारा दत्त का 23 मई को एक निजी चिकित्सालय में निधन हो गया। पहले उन्हें एक अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय होने के बावजूद तारा ने तीन लाख आठ हजार रुपये कर्ज लिया था। अब परिवार के मुखिया की मौत होने के बाद पत्नी और दो नाबालिग बच्चे परेशान हैं। तारा दत्त का बड़ा बेटा हरिद्वार के एक आश्रम में 9वीं में पढ़ रहा है, जबकि छोटा सातवीं में है।

कोरोना ने छीना तीन बच्चों के सिर से पिता का साया 

कोरोना ने निजमूला घाटी (गोपेश्वर) के थोली ब्यारा गांव के तीन बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया। 15 दिन पूर्व देहरादून में इलाज के दौरान गांव के 40 वर्षीय दलीप सिंह का निधन हो गया, जिसके बाद पत्नी और तीन बच्चे असहाय छूट गए हैं।

स्व. दलीप अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए देहरादून में किराए के कमरे पर रह रहे थे। परिवार के भरण-पोषण के लिए दलीप ने कमरे के समीप ही एक सब्जी की दुकान खोली, इसी दुकान से वे बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्चे की व्यवस्था करते थे।

अब पति की मौत के बाद बेसहारा हुई 35 वर्षीय रेखा बेसहारा हो गई है, बेटा योगेंद्र (16), रितिक (13) व बेटी ऋचा (15) भी असहाय छूट गए हैं। अब इनके सम्मुख आजीविका का संकट भी खड़ा हो गया है। गांव के ग्राम प्रधान मोहन सिंह नेगी ने सरकार से परिवार की आर्थिक सहायता और रेखा को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि तीनों बच्चे पढ़ाई में अव्वल हैं, अब पिता के निधन के बाद बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी चरमरा गई है।

100 बच्चों को निशुल्क शिक्षा देगा सीआईएमएस व यूआईएचएमटी ग्रुप
कोरोना महामारी में माता-पिता को खोने वाले 100 बच्चों को सीआईएमएस और यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज मुफ्त शिक्षा देगा। ग्रुप के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने बताया कि अनाथ बच्चे कॉलेज के किसी भी कोर्स में निशुल्क प्रवेश ले सकते हैं। बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च वही उठाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके प्रयास किए जाएंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed