{"_id":"68fd237e96b0dffff204c51d","slug":"along-with-curbing-cyber-crime-and-drug-abuse-in-the-dehradun-news-c-5-1-drn1031-819278-2025-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: साइबर क्राइम पर लगाम और अपराधियों की अवैध संपत्ति जब्त करने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: साइबर क्राइम पर लगाम और अपराधियों की अवैध संपत्ति जब्त करने के निर्देश
विज्ञापन
Iअपराध पर लगाम कसने को आईजी नीलेश भरणें ने समीक्षा बैठक कीI
राज्य में साइबर क्राइम और नशे पर लगाम लगाने के साथ अभियुक्तों की अवैध संपत्ति जब्त करने की कार्यवाही को प्राथमिकता में रखा जाएगा। यह निर्देश पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनन्द भरणें ने शनिवार को राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए।
उन्होंने मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसटीएफ और सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ विचार-विमर्श किया। साथ ही अपराध नियंत्रण के लिए कई निर्देश जारी किए। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करना, बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा। अभियुक्तों की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को चिन्हित कर विवेचना के दौरान ही संपत्ति अधिग्रहण और पीड़ितों में वितरण की कार्यवाही के लिए सक्षम न्यायालय को रिपोर्ट भेजी जाए। आईजी ने साइबर संबंधी शिकायतों का गंभीरता से लेते हुए समय पर निस्तारण और पीड़ितों को धनराशि वापस दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने के निर्देश भी दिए।
Iसाक्ष्य संकलन और वीडियो रिकॉर्डिंग की कार्रवाई समय पर पूरी करेंI
आईजी भरणें ने निर्देश दिया कि सात साल या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में राज्य स्तरीय एफएसएल टीम, जिला फील्ड यूनिट और थाने के प्रशिक्षित कर्मियों से तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कराया जाए। साक्ष्य संकलन और वीडियो रिकॉर्डिंग की कार्रवाई समय पर पूरी की जाए। एनडीपीएस एक्ट के तहत व्यावसायिक मात्रा वाले अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने को कहा। निर्देश दिया कि भ्रामक सूचनाओं का खंडन किया जाए और अराजक तत्वों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य में साइबर क्राइम और नशे पर लगाम लगाने के साथ अभियुक्तों की अवैध संपत्ति जब्त करने की कार्यवाही को प्राथमिकता में रखा जाएगा। यह निर्देश पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनन्द भरणें ने शनिवार को राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए।
उन्होंने मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसटीएफ और सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ विचार-विमर्श किया। साथ ही अपराध नियंत्रण के लिए कई निर्देश जारी किए। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करना, बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा। अभियुक्तों की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को चिन्हित कर विवेचना के दौरान ही संपत्ति अधिग्रहण और पीड़ितों में वितरण की कार्यवाही के लिए सक्षम न्यायालय को रिपोर्ट भेजी जाए। आईजी ने साइबर संबंधी शिकायतों का गंभीरता से लेते हुए समय पर निस्तारण और पीड़ितों को धनराशि वापस दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने के निर्देश भी दिए।
विज्ञापन
Iसाक्ष्य संकलन और वीडियो रिकॉर्डिंग की कार्रवाई समय पर पूरी करेंI
आईजी भरणें ने निर्देश दिया कि सात साल या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में राज्य स्तरीय एफएसएल टीम, जिला फील्ड यूनिट और थाने के प्रशिक्षित कर्मियों से तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कराया जाए। साक्ष्य संकलन और वीडियो रिकॉर्डिंग की कार्रवाई समय पर पूरी की जाए। एनडीपीएस एक्ट के तहत व्यावसायिक मात्रा वाले अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने को कहा। निर्देश दिया कि भ्रामक सूचनाओं का खंडन किया जाए और अराजक तत्वों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन