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Dehradun News: पिटकुल में अनियमितताओं का आरोप लगाकर विशेष ऑडिट की मांग
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- जन प्रहार संगठन ने ऑडिटर जनरल को प्रार्थना पत्र देकर की जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। पिटकुल में प्रबंध निदेशक की नियुक्ति एवं वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जन संगठन जन प्रहार ने सोमवार को ऑडिटर जनरल को प्रार्थना पत्र देकर विशेष ऑडिट की मांग की।
संगठन की संयोजक सुजाता पॉल, सह संयोजक पंकज क्षेत्री, साक्षी अरोड़ा ने कहा कि पिटकुल के वर्तमान प्रबंध निदेशक प्रकाश चंद्र ध्यानी की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं। 18 फरवरी को उत्तराखंड उच्च न्यायालय की ओर से पारित आदेश के बाद यह तथ्य सामने आया है कि नियुक्ति प्रक्रिया में प्रचलित सेवा नियमों, पात्रता मानकों एवं वैधानिक औपचारिकताओं का समुचित अनुपालन नहीं किया गया।
यदि नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो उसके पश्चात लिए गए सभी प्रशासनिक एवं वित्तीय निर्णयों की निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक हो जाती है। संगठन ने आशंका व्यक्त की कि निविदा प्रक्रियाओं, ठेकों, वित्तीय स्वीकृतियों एवं अन्य प्रशासनिक आदेशों में पक्षपात, हितों के टकराव और सार्वजनिक धन के संभावित दुरुपयोग की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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उन्होंने मांग की कि पिटकुल के वित्तीय लेन-देन, निविदा प्रक्रियाओं एवं नियुक्तियों का विशेष लेखा परीक्षण कराया जाए। विस्तृत फॉरेंसिक ऑडिट कराकर उत्तरदायित्व निर्धारण सुनिश्चित किया जाए। जांच प्रक्रिया समयबद्ध, निष्पक्ष एवं पारदर्शी हो।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। पिटकुल में प्रबंध निदेशक की नियुक्ति एवं वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जन संगठन जन प्रहार ने सोमवार को ऑडिटर जनरल को प्रार्थना पत्र देकर विशेष ऑडिट की मांग की।
संगठन की संयोजक सुजाता पॉल, सह संयोजक पंकज क्षेत्री, साक्षी अरोड़ा ने कहा कि पिटकुल के वर्तमान प्रबंध निदेशक प्रकाश चंद्र ध्यानी की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं। 18 फरवरी को उत्तराखंड उच्च न्यायालय की ओर से पारित आदेश के बाद यह तथ्य सामने आया है कि नियुक्ति प्रक्रिया में प्रचलित सेवा नियमों, पात्रता मानकों एवं वैधानिक औपचारिकताओं का समुचित अनुपालन नहीं किया गया।
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यदि नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो उसके पश्चात लिए गए सभी प्रशासनिक एवं वित्तीय निर्णयों की निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक हो जाती है। संगठन ने आशंका व्यक्त की कि निविदा प्रक्रियाओं, ठेकों, वित्तीय स्वीकृतियों एवं अन्य प्रशासनिक आदेशों में पक्षपात, हितों के टकराव और सार्वजनिक धन के संभावित दुरुपयोग की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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उन्होंने मांग की कि पिटकुल के वित्तीय लेन-देन, निविदा प्रक्रियाओं एवं नियुक्तियों का विशेष लेखा परीक्षण कराया जाए। विस्तृत फॉरेंसिक ऑडिट कराकर उत्तरदायित्व निर्धारण सुनिश्चित किया जाए। जांच प्रक्रिया समयबद्ध, निष्पक्ष एवं पारदर्शी हो।