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तबादलों में पारदर्शिता न होने का आरोप, शासन को लिखा पत्र
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अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए आनन-फानन में स्थानांतरित किए गए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के तमाम डॉक्टरों ने तबादलों में पारदर्शिता न होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ऐसे डॉक्टरों का भी तबादला कर दिया गया, जिनका प्रोबेशन पीरियड भी पूरा नहीं हो पाया है। सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर नाराज डॉक्टर इस्तीफा देने की तैयारी में हैं।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को शासन ने दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल से 10 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों का अल्मोड़ा मेडिकल तबादला कर दिया था। साथ ही उन्हें तत्काल दून मेडिकल कॉलेज से रिलीव भी कर दिया गया। इन तबादलों को लेकर डॉक्टरों में आक्रोश है। कुछ डॉक्टरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तबादलों में पारदर्शिता नहीं बरती गई है। ऐसे भी डॉक्टर हैं, जो कई साल से यहां पर जमे हैं। ऐसे डॉक्टरों को छेड़ा भी नहीं गया। कोरोना काल में जी जान से मरीजों की सेवा करने वाले डॉक्टरों को बिना उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियां जाने तबादला कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि उन्होंने इसे लेकर शासन को पत्र भी भेजा है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि शासन के निर्देश पर यह तबादले हुए हैं। आदेश के क्रम में स्थानांतरित हुए डॉक्टरों को रिलीव कर दिया गया है। साथ ही संविदा पर नई भर्ती के लिए विज्ञप्ति निकाली जा चुकी है।
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उल्लेखनीय है कि मंगलवार को शासन ने दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल से 10 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों का अल्मोड़ा मेडिकल तबादला कर दिया था। साथ ही उन्हें तत्काल दून मेडिकल कॉलेज से रिलीव भी कर दिया गया। इन तबादलों को लेकर डॉक्टरों में आक्रोश है। कुछ डॉक्टरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तबादलों में पारदर्शिता नहीं बरती गई है। ऐसे भी डॉक्टर हैं, जो कई साल से यहां पर जमे हैं। ऐसे डॉक्टरों को छेड़ा भी नहीं गया। कोरोना काल में जी जान से मरीजों की सेवा करने वाले डॉक्टरों को बिना उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियां जाने तबादला कर दिया गया।
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बताया जा रहा है कि उन्होंने इसे लेकर शासन को पत्र भी भेजा है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि शासन के निर्देश पर यह तबादले हुए हैं। आदेश के क्रम में स्थानांतरित हुए डॉक्टरों को रिलीव कर दिया गया है। साथ ही संविदा पर नई भर्ती के लिए विज्ञप्ति निकाली जा चुकी है।
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