अपने ही घर में घिर गए बाबा रामदेव
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दलितों पर बाबा रामदेव की ओर से की गई टिप्पणी के कारण उनके गढ़ हरिद्वार में उन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार को भी हरिद्वार का पंचपुरी क्षेत्र उबलता रहा। विरोध में विभिन्न संगठनों और संस्था कार्यकर्ताओं की ओर से जगह-जगह उनके पुतले फूंके।
कई जगह बैठकें आयोजित कर निंदा प्रस्ताव पारित किए गए। टिबड़ी के दलित समाज ने पूर्व सभासद बालकिशन के नेतृत्व में स्वामी रामदेव की शवयात्रा ढोलबाजों के साथ निकाली गई।
चंद्राचार्य चौक पर उनका पुतला फूंका गया। इस दौरान दलित समाज के कार्यकर्ताओं ने बाबा के खिलाफ नारेबाजी भी की। इससे पहले शिव मंदिर में एक सभा भी हुई।
रामदेव को गिरफ्तार करने की मांग की
दलित समाज के कार्यकर्ताओं ने चंद्राचार्य चौक पर जाम लगा दिया। इसे खुलवाने में पुलिस प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ी।
प्रदर्शनकारियों में शिवचरण मिस्त्री, देवीदत्त, रोशनलाल, मनोज कुमार, अमरनाथ, मदनलाल, भोपाल सिंह आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जिला कांग्रेस कमेटी ने चंद्राचार्य चौक पर रामदेव का पुतला फूंका। अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला महासचिव पंकज कुमार लांबा, राजेंद्र जाटव, सतीश कुमार, ब्रजरानी, वेदरानी, नीलम चौहान आदि ने विचार रखे और रामदेव को गिरफ्तार करने की मांग की।
नवयुवक जनकल्याण समिति के कार्यकर्ताओं ने संदीप कुमार, मुकेश, कृपाल, अर्जुन सिंह आदि के साथ चंद्राचार्य चौक पर रामदेव का पुतला फूंका गया।
मदन जाटव के नेतृत्व में दलित समाज ने रानीपुर मोड़ पर पुतला आग के हवाले किया। इस दौरान तीर्थपाल रवि, बीएस तेजियान, सूरजपाल सिंह, संदीप गौड़ आदि ने भी विचार रखे।
ऑल इंडिया हरिजन लीग ने की रामदेव की निंदा
ऑल इंडिया हरिजन लीग के राष्ट्रीय महामंत्री डालचंद छाछर ने रामदेव की कड़ी निंदा की। जनसंघर्ष मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष गुलशन खत्री ने आरोप लगाया कि रामदेव देश की संस्कृति मिटाने पर तुले हुए हैं।
राजेंद्र कुमार, सतेंद्र अग्रवाल आदि ने भी इस दौरान विचार रखे। धनगर समाज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज धनगर ने रामदेव को गिरफ्तार करने की मांग की।
राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष डॉ संतोष चौहान ने रामदेव के बयान को देश की समस्त महिलाओं का अपमान बताया।
साधु के वेश में व्यापारी है रामदेव
बाबा रामदेव के खिलाफ हरिद्वार के संत जगत से भी आवाज उठने लगी हैं। भूमा पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने कहा कि स्वामी रामदेव स्वामी नहीं बल्कि साधु के भेष में व्यापारी हैं।
जबकि दलित समाज भारत माता का पुत्र है। हर संन्यासी का दलितों से रिश्ता है। रामदेव ने दलित समाज के लिए जैसे कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया, वह निंदनीय हैं।
उन्होंने कहा कि गेरुए वस्त्र ज्ञान, वैराग्य और त्याग के प्रतीक हैं। इन्हें पहनकर यदि कोई रामदेव जैसा साधु टीवी चैनलों पर दवाईयां और सौंदर्य प्रसाधन बेचता है तो संत जगत को शर्म आती है। रामदेव वाणी का संयम खो चुके हैं।
बड़बोलापन बन गया बाबा का दुश्मन
बाबा रामदेव शुरू में मृदुभाषी थे। वे बोलते बहुत कम थे। कोशिश रहती थी कि अधिकतर प्रदर्शन शरीर से किए जाएं।
जैसे-जैसे बाबा का कारवां बढ़ता गया, बड़बोलापन उनका दुश्मन बनता गया। बाबा ने फिलहाल दिए बयान से भाजपा और मोदी दोनों को काफी नुकसान हो गया है।
मोदी को अपने आश्रम में पीएम प्रत्याशी प्रोजेक्ट कर बाबा रामदेव महीनों पहले भाजपा का प्रचार अपने योग शिविरों से करने के लिए हरिद्वार से निकल गए थे।
उनके मन में एक ललक थी कि किसी तरह दिल्ली के रामलीला मैदान से उन्हें भागने के लिए विवश करने वाली कांग्रेस को धूल चटाई जाए। भाजपा और बाबा का यह प्रयोग सफल रहा।
हालांकि इसका लाभ बाबा ने अपने करीब 24 समर्थकों को भाजपा का टिकट दिलाकर ले लिया। ‘हनीमून’ और पिकनिक जैसे घृणित बयान देकर बाबा फिर फंस गए हैं।
उनके बड़बोलेपन के कारण ऐसा पहले भी हुआ और उन्हें अपना अंग वस्त्र उतारकर सलवार कमीज तक पहनना पड़ा।
बाबा के घृणित बयान से दलित समाज और कांग्रेसी अब सड़क पर उतर आए हैं। सच बात तो यह है कि देश का प्रत्येक वर्ग इस समय बाबा के नाम से खफा है।
तीन मई तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो होंगे प्रदर्शन
दलित समाज पर टिप्पणी करने से गुस्साए समाज के लोगों ने रामदेव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की मांग की है।
लोगों ने चेतावनी भी दी यदि तीन मई तक रामदेव गिरफ्तार नहीं किए गए तो पूरे देश में धरने प्रदर्शन किए जाएंगे।
प्रेसक्लब में प्रेसवार्ता करते हुए विश्व दलित परिषद की प्रधान विद्या गौतम ने कहा कि उन्होंने रामदेव के खिलाफ बहादराबाद थाने और एसएसपी कार्यालय में शिकायत की है।
उनका कहना है कि पुलिस को तीन मई तक का समय दिया है। यदि रामदेव को गिरफ्तार नहीं किया तो पूरे देश में दलित समाज चार मई से जिला, तहसील, ब्लाक स्तर पर धरने प्रदर्शन शुरू कर देगा।
अखिल भारतीय कोरी कोली समाज के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश कोरी ने कहा कि रामदेव संत हैं, उन्हें ऐसी टिप्पणी निदंनीय है। उन्होंने भाजपा नेताओं से रामदेव के बयान पर स्पष्टीकरण की मांग की।
कहा कि वह चार मई से भूख हड़ताल करने को विवश होंगे। मौके पर मनोज धनगर, तीर्थपाल रवि, बलजीत सिंह, बलराम राठौर, भगीरथ कौरी आदि शामिल हुए।
बहादराबाद थानाध्यक्ष सुंदरम शर्मा का कहना है कि आईपीसी के तहत जहां पर अपराध होता है वहीं मुकदमा दर्ज होता है और रामदेव के खिलाफ लखनऊ में मुकदमा दर्ज है। एक अपराध के लिए एक से अधिक थानों में मुकदमा दर्ज नहीं हो सकता।
रामदेव के खिलाफ एक और मुकदमा
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर दलितों को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर योगगुरु रामदेव के खिलाफ कांग्रेस के प्रदेश सचिव ने भी रायपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। चौबीस घंटे में रामदेव पर राजधानी में यह दूसरा मुकदमा है।
राहुल गांधी पर टिप्पणी को लेकर रामदेव की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश सचिव टीसी भारती ने रामदेव पर दलित समाज को अपमानित करने का आरोप लगाते हुए रायपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रामदेव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो समाज के लोग सड़कों पर आकर विरोध करेंगे। सोमवार को वाणी विहार निवासी अधिवक्ता ने दून कोतवाली में रामदेव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
इन दोनों मुकदमों को जांच के लिए लखनऊ स्थानांतरित किया गया है। जबकि इसी मामले में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी की ओर से दी गई तहरीर को डालनवाला कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट लगाकर लखनऊ स्थानांतरित कर दिया है।