उत्तराखंडः BJP की रैली में टूटे सारे नियम कायदे
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उत्तराखंड पुलिस के प्रमुख यातायात नियमों के संबंध पर चेता रहे थे, लेकिन भाजपा की चेतना रैली ने सारी व्यवस्थाएं चित कर दीं।
पुलिस सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम में जो पुलिस बल दुपहिया चालकों के हेलमेट के स्ट्रेप ठीक कर रहे थे, उन्हीं पुलिस जवानों के सामने रैली में पहुंचे कार्यकर्ता बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग से व्यवस्था को ठेंगा दिखा रहे थे। एक ही दिन में हुए दो कार्यक्रमों में जिला प्रशासन, पुलिस और राजनेताओं का सड़क सुरक्षा पर दोहरा मापदंड देखने को मिला।
देहरादून में मंगलवार की सुबह सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम में डीजीपी बीएस सिद्धू समेत तमाम आला अधिकारी यातायात नियमों का ज्ञान देते रहे। डीजीपी का यह कहना ठीक है कि ट्रैफिक अकेले पुलिस का जिम्मा नहीं है। शहर में होने वाले आयोजन के लिए जिला प्रशासन भी जवाबदेह है। दोपहर बाद भाजपा की चेतना रैली ने पुलिस की सोच को सच साबित किया।
ट्रैफिक नियमों का ना केवल उल्लंघन किया गया, बल्कि हर तरफ लगे जाम का हजारों लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ा। शहर में बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था को अकेले पुलिस पर छोड़ दिया गया। ट्रैफिक संभालने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई सक्रिय नहीं दिखा।
पुलिस ने अपने स्तर पर जो भी इंतजाम किए थे, वह जगह-जगह स्वागत स्टालों ने ध्वस्त कर दिए। रैली को निकालने के लिए पुलिस पहले ही तमाम रास्तों की नाकेबंदी करती रही, ताकि भाजपा को किसी तरह की उंगली उठाने का मौका ना मिले।
कार्यकर्ताओं ने रैली के नाम पर जमकर हुड़दंग किया, जिसका नतीजा यह रहा कि चेतना रैली जिधर से भी गुजरी, अपने पीछे लंबा जाम छोड़ती चली गई।
भाजपा की चेतना रैली में अनुमति का उल्लंघन होने के बाद भी पुलिस प्रशासन अधिकारी चुप्पी साधे रहे। राजनैतिक मामला बताकर दबी जुबान अव्यवस्था का राग अलापते रहे। दूसरा यह अनुुमति भी ऐसे समय भी दी गई है, जब शहर में फोर्स की कमी है। अधिकतर फोर्स अर्द्धकुंभ ड्यूटी में हरिद्वार गई है।
सुबह ट्रैफिक का बांटा गया ज्ञान
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत मंगलवार सुबह घंटाघर पर ट्रैफिक नियमों के संबंध में ज्ञान बांटा गया। प्रदेश के पुलिस प्रमुख बीएस सिद्धू और दूसरे अधिकारियों ने ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
तीन सवारी, बिना हेलमेट नहीं चलने आदि का सख्ती से पालन करने की वकालत की गई। यह भी बताया गया कि इन नियमों का पालन नहीं करना जीवन से खिलवाड़ करना है। इसके लिए हजारों रुपये के पंपलेट और पर्चे भी वितरित किए गए।
दोपहर बाद उड़ी नियमों की धज्जियां
दोपहर बाद भाजपा की रैली सड़कों पर आई तो ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ गई। रैली में शामिल युवकों में से अधिकतर ने हेलमेट नहीं पहना था। एक वाहन पर तीन सवारी चलने वालों की कमी नहीं थी।
हाथों में झंडे लेकर कार्यकर्ता पुलिस के आगे-पीछे वाहन घुमाते रहे। उस समय पुलिस भी सड़क सुरक्षा सप्ताह के ज्ञान को भूल गई। किसी को रोककर नियमों का ज्ञान कराने की हिमाकत कोई नहीं कर पाया।
भाजपा ने रैली की अनुमति ले रखी थी। सिटी मजिस्ट्रेट ने इसके लिए रूट तय किये थे। मेरे संज्ञान में ट्रैफिक जाम का मामला नहीं आया है। इस बाबत सिटी मजिस्ट्रेट और एसएसपी से रिपोर्ट ली जाएगी।
- रविनाथ रमन, डीएम
रैली के दौरान पुलिस ने जरूरी इंतजाम किये थे। प्रयास रहा कि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रहे, लेकिन जगह-जगह स्वागत होने से यातायात संचालन में दिक्कत आई।
- सदानंद दाते, एसएसपी