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निकाय चुनाव में खूब 'गुल खिलाएगी' शराब, हरियाणा और अरुणाचल प्रदेश से बढ़ी डिमांड

Fri, 26 Oct 2018 08:34 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 26 Oct 2018 08:34 PM IST
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Alcohol use in nikay chunav 2018 become big problem for police
alcohol

निकाय चुनाव में इस बार भी शराब गुल खिलाने वाली है। मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए उत्तराखंड और हरियाणा के तस्करों का गठजोड़ शराब आपूर्ति करने को सक्रिय हो गया हैं। सूत्रों की मानें तो प्रदेश के तमाम हिस्सों से लोग तस्करों के संपर्क में हैं। तस्कर बड़ी खेप का रिस्क लेने के बजाय किश्तों में शराब की आपूर्ति का ताना-बाना बुन रहे हैं। ऐसे में पुलिस, आबकारी और एसटीएफ के सामने इन तस्करों को पार पाने की चुनौती है। 

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पंचायत से लेकर लोकसभा चुनाव तक में होने वाला शराब का प्रयोग किसी से छिपा नहीं है। आबकारी, पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई में बरामद होने वाली शराब से तस्करी की पुष्टि होती रही है। वैसे भी हरियाणा, चंडीगढ़ और अरुणाचल प्रदेश की शराब की यहां साल भर खपत होती है। निकाय चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही शराब की डिमांड तेजी से बढ़ी है।
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धन बटोरने को शराब तस्करों का नेटवर्क सक्रिय हो गया, जो विभिन्न माध्यमों से शराब की डिमांड की सूची तैयार कर रहा है। हरियाणा के तस्करों ने शराब का बड़ा जखीरा एकत्र कर रखा है, जो विभिन्न रास्तों से पुलिस और आबकारी विभाग की आंखों में धूल झोंककर आपूर्ति करने की फिराक में लगा है। उत्तराखंड के मुकाबले हरियाणा की शराब सस्ती है। ऐसे में पुलिस-प्रशासन के सामने आदर्श आचार संहिता का पालन कराने के साथ चुनाव में शराब के प्रयोग पर रोक लगाना बड़ी चुनौती साबित होगी।  

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शराब के ट्रक को लेकर भिड़ गई थी पुलिस

विधानसभा चुनाव में शराब के ट्रक को लेकर दून और टिहरी पुलिस में ठन गई थी। टिहरी की एसओजी यूपी के बॉर्डर से शराब से भरे एक ट्रक को पकड़कर लाई थी। ऋषिकेश में चेकिंग के दौरान यह राज खुला तो गुडवर्क करने को लेकर दोनों जिलों के पुलिस में तकरार हो गई। बात इतनी बढ़ी कि तत्कालीन डीजीपी एमए गणपति को हस्तक्षेप करना पड़ा था। देहरादून की तत्कालीन एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने इस मामले की जांच एसपी ट्रैफिक को सौंपी थी, मगर विभागीय किरकिरी से बचने को बाद में जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

निकाय चुनाव में शराब के प्रयोग पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। प्रदेश भर में पुलिस को बॉर्डर पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के साथ पूर्व में प्रकाश में आए तस्करों पर शिकंजा कसने को कहा गया है। लोगों से भी अनुरोध किया जा रहा है कि यदि कहीं भी शराब का वितरण होता है तो तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी जाए, ताकि संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
-अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था। 

निकाय चुनाव के मद्देनजर शराब की तस्करी अथवा आपूर्ति रोकने के लिए जिले भर में पांच टीम गठित की गई हैं। इनमें से एक-एक टीम विकासनगर, मसूरी, ऋषिकेश और दो टीमें शहर में लगाई गई हैं। संदिग्ध वाहनाें की चेकिंग के साथ शराब ठेकों की निगरानी कराई जा रही है। होटल, रेस्टोरेंट संचालकों को हिदायत दी गई है कि पार्टी आयोजित कराने से पहले यह सुनिश्चित करा लिया जाए कि वह किसी प्रत्याशी द्वारा प्रायोजित तो नहीं हैं।  
-मनोज उपाध्याय, जिला आबकारी अधिकारी
 

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