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अक्षय ऊर्जा दिवस पर विशेष: उत्तराखंड के लिए गेम चेंजर साबित होगी सोलर फार्मिंग
Thu, 20 Aug 2020 12:40 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 20 Aug 2020 12:40 PM IST
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Solar plant
- फोटो : सोशल मीडिया।
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कोरोना काल में लौटे प्रवासियों के स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री सोलर फार्मिंग योजना गेम चेंजर साबित हो सकती है। प्रदेश सरकार यह दावा कर रही है। करीब 10 हजार लोगों के रोजगार के लिए सरकार अगले 10 दिन में योजना को अंतिम रूप दे देगी।
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मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद ऊर्जा विभाग ने योजना का प्रस्ताव अन्य विभागों से परामर्श लेने के लिए भेजा है। अगले 10 दिन में सभी विभागों से प्रस्ताव प्राप्त होने की आशा है। इसके बाद ऊर्जा विभाग यह प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखेगा। सचिव ऊर्जा राधिका झा ने इसकी पुष्टि की है।
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केंद्र की तरह सौर ऊर्जा पर सरकार का फोकस
केंद्र सरकार की तरह प्रदेश सरकार का भी सौर ऊर्जा पर खास फोकस है। मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सौर ऊर्जा अभियान शुरू किया है। प्रदेश में मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा योजना बनाई गई है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन को रोकने और स्थानीय निवासियों को सौर ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने 283 स्थानीय निवासियों को 203 मेगावाट क्षमता के प्रोजेक्ट आवंटित किए। ये सभी परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।
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10 हजार लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा योजना के तहत 25 किलोवाट क्षमता के प्रोजेक्ट लगाए जा सकते हैं। अभी तक 100 किलोवाट की क्षमता निर्धारित थी। बड़े प्रोजेक्ट में बड़ी पूंजी लगने के कारण स्थानीय लोग ज्यादा संख्या में नहीं जुड़ पा रहे थे। अब कम क्षमता तय करने से इसमें सीमित पूंजी वाले लोग भी शामिल हो सकेंगे। कम पूंजी होने से बैंक भी आसानी से लोन दे सकेगी। सरकार इसमें जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी तय कर रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजना का लाभ मिले।
प्रदेश में अक्षय ऊर्जा की संभावना
- प्रदेश में प्रति वर्ग मीटर 4.05 से 5.5 किलोवाट/घंटा सूरज की ऊर्जा मिल रही है।
- वर्तमान में 272 मेगावाट की सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है।
- 203 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।
- 2022-23 तक 250 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं लगाई जाएंगी।