हरिद्वार: राम मंदिर को लेकर श्री श्री रविशंकर के समर्थन में उतरा अखाड़ा परिषद्
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राम मंदिर निर्माण को लेकर श्री श्री रविशंकर की पहल के बाद अखाड़ा परिषद् भी उनके समर्थन में आ गया है। परिषद् का कहना है कि हरिद्वार का संत जगत भी चाहता है कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के प्रयास में लगे श्री श्री रविशंकर सफल हो जाएं और भगवान राम का मंदिरेे बनकर तैयार हो जाए।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के अनुसार राम मंदिर बनाने के काम में बहुत सारी संस्थाएं जुटी हुई हैं। अखाड़ा परिषद स्वयं इस दिशा में प्रयासरत है और कई मुस्लिम नेताओं से बातचीत की गई है।
मंदिर के लिए कुछ और संस्थाएं भी पहले से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि रविशंकर सफल होते है तो उन्हें प्रसन्नता होगी। परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने कहा कि रामलला की जन्म भूमि पर केवल मंदिर बन सकता है।
यह कार्य संतों का न्यास करता आ रहा है। अनेक संत कई माध्यमों से मंदिर निर्माण के लिए काम कर रहे हैं। रविशंकर महाराज के संबंध समाज के सभी वर्गों के साथ हैं। यदि उन्हें सफलता प्राप्त होती है तो देश का भला होगा।
विरोधी में उतरे कुछ संत
स्वामी निजानंद ने कहा कि मंदिर निर्माण कार्य पहले ही हो जाना चाहिए था। कईं बाधाओं के चलते ऐसा नहीं हो पाया। अब यदि फिर से प्रयास शुरू किए गए है तो संत जगत परिणाम की प्रतिक्षा करेगा। जयराम पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि मंदिर अवश्य बनेगा। सभी वर्गों के साथ बातचीत जरूरी है। रविशंकर के प्रयास अवश्य सफल होंगे।
उधर, अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता बाबा हठयोगी दिगंबर इस सहमति नहीं है कि रविशंकर द्वारा अब कोई नया प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह काम श्रीश्री के बस का नहीं।
पहले ही मंदिर का मसला सर्वोच्च अदालत में है। मंदिर निर्माण को फैैसला केवल अदालत ही कर सकती है। बाबा हठयोगी ने कहा कि राजनीति चमकाने के लिए कुुछ बाबा मंदिर को लेकर पहले भी आगे आए हैं। उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। हरिद्वार के अन्य कई संतों ने भी मंदिर निर्माण के लिए रविशंकर के प्रयासों संदेश व्यक्त किया है।