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Dehradun News: बरांश यात्रा पर आधारित गीत का विमोचन
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24 घंटे में 10 हजार से अधिक लोगों ने देखा
मथेऊ गांव में विराजमान शिलगुर देवता की 31 वर्ष बाद बरांश यात्रा पर आधारित आइते निते राखिया देवा लोक गीत का बीते रविवार को विकासनगर में विधिवत विमोचन किया। मात्र 24 घंटे में दस हजार से अधिक लोग इस गीत को देख चुके हैं।
जौनसार बावर क्षेत्र के सुप्रसिद्ध एवं वरिष्ठ लोक गायक डिमोऊ गांव निवासी सीताराम चौहान ने गीत को गाया है। सिली खत के मथेऊ गांव में विराजमान शिलगुर देवता 31 वर्ष बाद हिमाचल प्रदेश की चूड़धार और हरिद्वार में शाही स्न्नान के लिए गए थे। यात्रा के वर्णन पर आधारित लोक गीत का विकासनगर स्थित एक स्टूडियो में विधिवत यू ट्यूब चैनल पर अपलोड कर विमोचन किया गया।
गीत युवा गीतकार श्याम सिंह चौहान ने लिखा है। उन्होंने बताया कि मथेऊ गांव के लोगों के विशेष आग्रह पर उन्होंने इस देव हारुल कि रचना की है। इस देव हारुल में बरांश यात्रा और देवता के पुनः नवनिर्मित मंदिर में विराजमान होने का वर्णन किया है। देवता के बजरी ध्यान सिंह चौहान, स्याणा हाकम सिंह चौहान, प्रधान राजेंद्र चौहान, राकेश चौहान और राहुल चौहान और समस्त मथेऊ गांव के लोगों का विशेष सहयोग रहा।
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मथेऊ गांव में विराजमान शिलगुर देवता की 31 वर्ष बाद बरांश यात्रा पर आधारित आइते निते राखिया देवा लोक गीत का बीते रविवार को विकासनगर में विधिवत विमोचन किया। मात्र 24 घंटे में दस हजार से अधिक लोग इस गीत को देख चुके हैं।
जौनसार बावर क्षेत्र के सुप्रसिद्ध एवं वरिष्ठ लोक गायक डिमोऊ गांव निवासी सीताराम चौहान ने गीत को गाया है। सिली खत के मथेऊ गांव में विराजमान शिलगुर देवता 31 वर्ष बाद हिमाचल प्रदेश की चूड़धार और हरिद्वार में शाही स्न्नान के लिए गए थे। यात्रा के वर्णन पर आधारित लोक गीत का विकासनगर स्थित एक स्टूडियो में विधिवत यू ट्यूब चैनल पर अपलोड कर विमोचन किया गया।
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गीत युवा गीतकार श्याम सिंह चौहान ने लिखा है। उन्होंने बताया कि मथेऊ गांव के लोगों के विशेष आग्रह पर उन्होंने इस देव हारुल कि रचना की है। इस देव हारुल में बरांश यात्रा और देवता के पुनः नवनिर्मित मंदिर में विराजमान होने का वर्णन किया है। देवता के बजरी ध्यान सिंह चौहान, स्याणा हाकम सिंह चौहान, प्रधान राजेंद्र चौहान, राकेश चौहान और राहुल चौहान और समस्त मथेऊ गांव के लोगों का विशेष सहयोग रहा।
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