भारत-चीन सीमा पर वायुसेना के विमान एएन-32 की ट्रायल लैंडिंग सफल, जानिए पूरा मामला
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चीन सीमा के निकट होने के चलते सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चिन्यालीसौड हवाई पट्टी पर मंगलवार को वायुसेना अपने एएन-32 मल्टीपर्पज विमान को उतारने और उड़ाने में सफल रही।
इस ट्रायल लैंडिंग के बाद वायुसेना के एयर कमोडोर एस बनर्जी ने रनवे के आखिर में विमान को मोड़ने में कुछ दिक्कतें आने पर अंतिम छोर (एंडिंग सर्किल) को पांच मीटर बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने हवाई पट्टी को आपातकालीन अभियान (इमरजेंसी ऑपरेशन) के लिए मुफीद पाया।
मंगलवार सुबह सरसावा बेस से वायुसेना के अधिकारी एएलएच हेलीकॉप्टर से चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर पहुंचे। उन्होंने यहां एएन-32 विमान को उतारने की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद दोपहर करीब 12.30 बजे हवाई पट्टी पर वायुसेना के एएन-32 विमान को सफलता पूर्वक उतारा गया।
इलाहाबाद एयर बेस से छह सदस्यीय पायलट दल के साथ इसमें सवार होकर यहां पहुंचे एयर कमोडोर एस बनर्जी ने रनवे सहित अन्य निर्माण कार्यों का जायजा लिया। विमान ने हवाई पट्टी के ऊपर तीन चक्कर लगाकर एरियल व्यू से भी हवाई पट्टी का निरीक्षण किया गया।
एयर कमोडोर बनर्जी ने रनवे के आखिरी छोर (एंडिंग सर्किल) पर विमान को मोड़ने में कुछ दिक्कतें आने पर अधिकारियों को अंतिम छोर को पांच मीटर बढ़ाने को कहा। साथ ही उन्होंने रनवे के दोनों ओर पीसीसी और हवाई अड्डे के लिए सेपरेशन वॉल (अलग करने वाली) दीवार बनाने की आवश्यकता जताई।
उन्होंने कहा कि यह हवाई पट्टी वायुसेना के आपातकालीन अभियान (इमरजेंसी ऑपरेशन) के लिए पूरी तरह मुफीद है। उन्होंने राष्ट्रहित में हवाई पट्टी के लिए अपनी बेशकीमती जमीन देने वाले ग्रामीणों का आभार जताया।
हवाई पट्टी पर वायु सेना के विमान के सफलतापूर्वक उतरने से देश की सामरिक तैयारियों को बल मिला है। इस दौरान उपजिलाधिकारी सौरभ असवाल और दमकल कर्मी मौजूद रहे।
वर्ष 2013 की आपदा के दौरान बचाव कार्य में लगे हेलीकॉप्टरों के ईंधन की सप्लाई के लिए हवाई पट्टी पर सेना के बड़े मालवाहक जहाज हरक्यूलिस को भी उतारा गया था।