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21 लाख के गबन के मामले में कृषि अधिकारी को सजा

Sat, 04 Jul 2015 09:11 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बागेश्वर
ब्यूरो / अमर उजाला, बागेश्वर Updated Sat, 04 Jul 2015 09:11 AM IST
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agriculture officer involved in scam.

उत्तराखंड में गबन के तीन साल पुराने मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सहायक कृषि अधिकारी को तीन साल के कारावास और पांच हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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कौसानी के लौबांज गांव में भूमि विकास के कार्यों में हुई 21 लाख रुपए की गड़बड़ी के मामले में सहायक कृषि अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। वर्तमान में वह हल्द्वानी में तैनात है।
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15 फरवरी 2012 को बैजनाथ थाने में मुख्य कृषि अधिकारी डीएस राणा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सहायक कृषि अधिकारी विनोद कुमार श्रीवास्तव ने कौसानी के लौबांज गांव में भूमि विकास के कार्यों के धन में गड़बड़ी की है। लौबांज गांव विस्तृत भूभाग में फैला है।
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इस गांव में भूमि विकास के लिए चार विकास समितियों को गठन किया गया। विनोद कुमार इन समितियों के परियोजना अधिकारी थे। चारों समितियों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष भी चुने गए। इन समितियों के लिए शासन से 21 लाख रुपए मिले।

यह राशि नैनीताल ग्रामीण बैंक की गरुड़ शाखा में चारों समितियों के खातों में डाली गई। नियम के अनुसार यह राशि परियोजना अधिकारी और समितियों के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर से निकाली जाती है। कृषि अधिकारी ने चेक पर समितियों के अध्यक्षों और सचिवों के हस्ताक्षर कराए और पूरी राशि निकाल  ली।

एफआईआर के अनुसार लतौलिया नाला प्रथम, द्वितीय और तृतीय में विकास के काम कराए बगैर पूरी राशि निकाल ली गई। मुख्य कृषि अधिकारी की ओर से बैजनाथ थाने में धारा 409 और 420 के तहत सहायक कृषि अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।

वहां के थानाध्यक्ष ने मामले की जांच की। इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी हुई। बाद में वह जमानत पर रिहा हो गया। विभाग ने विनोद कुमार को बागेश्वर से हटाकर हल्द्वानी कार्यालय भेज दिया। यह मामला गरुड़ में न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चला। आरोप पत्र आने के बाद नामित अधिवक्ता खड़क सिंह कार्की ने न्यायालय में नौ गवाह पेश किए।

न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा कुशवाहा ने काम कराए बगैर सरकारी धन का निकालने के जुर्म में धारा 409 में आरोपी को तीन साल की कारावास और पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास होगा। धारा 420 में उसे दोषमुक्त किया गया। इस फैसले के बाद विनोद कुमार श्रीवास्तव को न्यायालय ने एक माह की जमानत दी है।

जज ने सुनाया फैसला
सहायक कृषि अधिकारी लोक सेवक होने के नाते अभिलेखों के रखरखाव और देखरेख का उत्तरदायी था। अनियमित रूप से धन निकालने के कारण उसे सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग का दोषी पाया गया है।


भूमि विकास समितियों की भी होगी जांच
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जिलाधिकारी को भूमि विकास समितियों के पदाधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय जांच कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने धारा 420 में आरोपी के दोषमुक्त होने पर पुलिस के विवेचना अधिकारी के विरुद्घ जांच के लिए बागेश्वर के एसपी को पत्र लिखा है।

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