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एजेंट ने एमबीबीएस में दाखिला दिलाया मगर फीस हड़प गया
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रूस में एमबीबीएस की पढ़ाई कराने के नाम पर दिल्ली के एजेंट ने दून की छात्रा से 16 लाख रुपये ठग लिए गए। एजेंट ने वहां क्रीमिया फेडरल यूनिवर्सिटी में दाखिला तो करा दिया, लेकिन फीस जमा नहीं की। ऑनलाइन पढ़ाई करने के बाद छात्रा यूक्रेन पहुंची तो फीस जमा नहीं होने के कारण यूनिवर्सिटी ने उसे निष्कासित कर दिया। शिकायत पर पटेलनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामला वर्ष 2020 का है। वीना रतूड़ी निवासी कारगी, बंजारावाला का कहना है कि उनकी बेटी आंशी रतूड़ी नीट की तैयारी कर रही थी। इस बीच आंशी के सहपाठी रह चुके विशाल ने फोन पर उससे संपर्क किया और शाहीन बाग, दिल्ली के एक एजेंट के माध्यम से वर्ष 2020 में रूस की क्रीमिया फेडरल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस में दाखिला दिलवा दिया। इसके एवज में 16 लाख रुपये इंडोरस लर्निंग हब प्राइवेट लिमिटेड के एजेंट फैजल अजीज निवासी शाहीन बाग, जामिया नगर, ओखला दिल्ली के खाते में डलवाए गए।
फैजल ने बताया था कि 16 लाख में एमबीबीएस का पूरा कोर्स, छात्रावास शुल्क, मेस, वीजा और पहली बार जाने का टिकट हो जाएगा। दिसंबर 2020 से एमबीबीएस की कक्षाएं ऑनलाइन शुरू हुईं। इसके बाद यूनिवर्सिटी की डीन ने जानकारी दी कि अप्रैल से कक्षाएं ऑफलाइन होंगी। फैजल ने 30 अप्रैल 2021 को वीजा लगवा दिया, लेकिन मई में दोबारा कोविड केस बढ़ने के कारण वह क्रीमिया नहीं जा पाई। कुछ दिन बाद आंशी इंडोरस लर्निंग हब के चार अन्य छात्रों और एक एजेंट के साथ एयर इंडिया की फ्लाइट से मास्को पहुंची।
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यहां से उन्हें फ्लाइट से सिम्फरोपोल भेजा गया। आरोप है कि इंडोरस लर्निंग हब का कोई एजेंट सिम्फरोपोल (क्रीमिया के पास एक शहर) रिसीव करने नहीं आया। किसी तरह छात्र यूनिवर्सिटी पहुंचे और डीन से संपर्क किया। पता चला कि आंशी की एमबीबीएस प्रथम वर्ष की फीस जमा नहीं है। इस पर आंशी को यूनिवर्सिटी से निष्कासित कर दिया गया। आरोप है कि फैजल ने पूरा पैसा लेने के बावजूद फीस जमा नहीं की। तरह-तरह के बहाने बनाए गए। धोखाधड़ी के साथ छात्रा के दो साल भी खराब कर दिए। पटेलनगर इंस्पेक्टर रविंद्र यादव ने बताया कि वीना रतूड़ी की तहरीर पर फैजल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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मामला वर्ष 2020 का है। वीना रतूड़ी निवासी कारगी, बंजारावाला का कहना है कि उनकी बेटी आंशी रतूड़ी नीट की तैयारी कर रही थी। इस बीच आंशी के सहपाठी रह चुके विशाल ने फोन पर उससे संपर्क किया और शाहीन बाग, दिल्ली के एक एजेंट के माध्यम से वर्ष 2020 में रूस की क्रीमिया फेडरल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस में दाखिला दिलवा दिया। इसके एवज में 16 लाख रुपये इंडोरस लर्निंग हब प्राइवेट लिमिटेड के एजेंट फैजल अजीज निवासी शाहीन बाग, जामिया नगर, ओखला दिल्ली के खाते में डलवाए गए।
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फैजल ने बताया था कि 16 लाख में एमबीबीएस का पूरा कोर्स, छात्रावास शुल्क, मेस, वीजा और पहली बार जाने का टिकट हो जाएगा। दिसंबर 2020 से एमबीबीएस की कक्षाएं ऑनलाइन शुरू हुईं। इसके बाद यूनिवर्सिटी की डीन ने जानकारी दी कि अप्रैल से कक्षाएं ऑफलाइन होंगी। फैजल ने 30 अप्रैल 2021 को वीजा लगवा दिया, लेकिन मई में दोबारा कोविड केस बढ़ने के कारण वह क्रीमिया नहीं जा पाई। कुछ दिन बाद आंशी इंडोरस लर्निंग हब के चार अन्य छात्रों और एक एजेंट के साथ एयर इंडिया की फ्लाइट से मास्को पहुंची।
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यहां से उन्हें फ्लाइट से सिम्फरोपोल भेजा गया। आरोप है कि इंडोरस लर्निंग हब का कोई एजेंट सिम्फरोपोल (क्रीमिया के पास एक शहर) रिसीव करने नहीं आया। किसी तरह छात्र यूनिवर्सिटी पहुंचे और डीन से संपर्क किया। पता चला कि आंशी की एमबीबीएस प्रथम वर्ष की फीस जमा नहीं है। इस पर आंशी को यूनिवर्सिटी से निष्कासित कर दिया गया। आरोप है कि फैजल ने पूरा पैसा लेने के बावजूद फीस जमा नहीं की। तरह-तरह के बहाने बनाए गए। धोखाधड़ी के साथ छात्रा के दो साल भी खराब कर दिए। पटेलनगर इंस्पेक्टर रविंद्र यादव ने बताया कि वीना रतूड़ी की तहरीर पर फैजल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।