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Uttarakhand News: ढाई साल बाद विजिलेंस के सामने पेश हुए आईएएस रामविलास यादव, करीब सात घंटे चली पूछताछ
Wed, 22 Jun 2022 10:53 PM IST
Vikas Kumar
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 22 Jun 2022 10:53 PM IST
सार
बुधवार को हाईकोर्ट के निर्देश पर आईएएस रामविलास यादव दोपहर करीब एक बजे कारगी स्थित विजिलेंस निदेशालय पहुंचे। यहां एएसपी रेनू लोहानी और उनकी टीम ने यादव से पूछताछ शुरू की। इसमें इस मुकदमे के पूर्व और वर्तमान विवेचना अधिकारी भी शामिल रहे।
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आईएएस रामविलास यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोपी आईएएस रामविलास यादव आखिरकार विजिलेंस के सामने पेश हो गए। विजिलेंस अधिकारियों ने उनसे करीब सात घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान उनके दस्तावेज का सत्यापन किया गया और तकरीबन 100 से अधिक सवाल किए गए। कुछ पर यादव चुप्पी साध गए तो कुछ पर टीम को इधर-उधर की बातों में उलझाने का प्रयास किया।
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जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड आए आईएएस रामविलास यादव के खिलाफ विजिलेंस ने ढाई साल पहले खुली जांच शुरू की थी। इस दौरान उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया, लेकिन वह विजिलेंस के सामने नहीं आए। विजिलेंस ने उनसे दफ्तर में ही पूछताछ करने को कहा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। लगभग 12 लोगों की टीम ने उनके निवास और दफ्तरों में जाकर साक्ष्य जुटाए थे।
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बुधवार को हाईकोर्ट के निर्देश पर आईएएस रामविलास यादव दोपहर करीब एक बजे कारगी स्थित विजिलेंस निदेशालय पहुंचे। यहां एएसपी रेनू लोहानी और उनकी टीम ने यादव से पूछताछ शुरू की। इसमें इस मुकदमे के पूर्व और वर्तमान विवेचना अधिकारी भी शामिल रहे। करीब छह लोगों की टीम ने उनसे सात घंटे तक पूछताछ की। उनसे 100 से अधिक सवाल किए गए। विजिलेंस के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ज्यादातर सवालों को यादव टाल गए। कुछ के सही जवाब नहीं दे पाए।
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200 दस्तावेज लेकर पहुंचे
रामविलास यादव पहले जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, लेकिन हाईकोर्ट के निर्देश पर वह सभी प्रकार के दस्तावेज के साथ विजिलेंस के सामने पहुंचे। वह अपने साथ करीब 200 तरह के दस्तावेज लेकर पहुंचे थे। विजिलेंस ने इनकी लिस्ट बनाई है। इनमें उनके बच्चों के बैंक खातों के विवरण, तमाम प्रॉपर्टी के दस्तावेज, गिफ्ट डीड, पत्नी के स्कूल के दस्तावेज, ट्रस्ट के दस्तावेज, पत्नी के खातों का विवरण, सैलरी अकाउंट और निजी अकाउंट की जानकारी शामिल है। देर रात तक विजिलेंस इनका अवलोकन कर रही थी।
अप्रैल में दर्ज हुआ था मुकदमा
अप्रैल 2022 में यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। विजिलेंस ने गत वर्ष सितंबर में अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसमें आकलन था कि रामविलास यादव के पास उनके ज्ञात आय के स्रोतों से 547 फीसदी अधिक संपत्तियां हैं। मुकदमे के बाद विजिलेंस ने उनके लखनऊ, गाजीपुर और देहरादून स्थित आवासों पर छापे मारे। यहां से महत्वपूूर्ण दस्तावेज हासिल किए गए। इसके बाद रामविलास यादव हाईकोर्ट पहुंचे, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली।