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आसन के बाद सुर्खाब ने डाकपत्थर बैराज झील को बनाया आशियाना
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डाकपत्थर बैराज झील में उतरे सुर्खाब।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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देश के पहले आसन वैटलैंड कंजरवेशन रिजर्व में दस्तक के बाद अब सुर्खाब ने डाकपत्थर बैराज झील में भी दस्तक दे दी है। अभी करीब 20 सुर्खाब पक्षियों के झुंड ने डाकपत्थर बैराज झील को आशियाना बनाया है। जिसे देखने के लिए पक्षी प्रेमी भी पहुंचने लगे हैं।
सर्दियां बढ़ने के साथ ही यहां भी सुर्खाब और अन्य देशी-विदेशी पक्षियों का कलरव सुनाई देने लगेगा। वहीं, आसन कंजरवेशन रिजर्व में भी विदेशी मेहमान पक्षियों का कुनबा रोजाना बढ़ता जा रहा है। मालूम हो कि हर साल अक्तूबर माह में कई विदेशी परिंदे मीलों का सफर तय कर प्रवास के लिए आसन और डाकपत्थर बैराज झील में पहुंचते हैं। फरवरी तक करीब पांच माह यह परिंदे यहीं पर रहते हैं। ऐसे में अब जब सुबह और शाम के समय सर्दी दस्तक देने लगी है तो ये झील भी विदेशी परिदों से गुलजार नजर आने लगी है।
विदेशी पक्षियों की मौजूदगी इन झीलों की सुंदरता में चार चांद लगा रही है। वन विभाग का कहना है कि दिसंबर तक बड़ी संख्या में ये विदेशी मेहमान आसन और डाकपत्थर के पानी के संसार में उतर चुके होंगे। परिदों की सुरक्षा के लिए गश्त भी बढ़ा दी गई है। डाकपत्थर बैराज झील में सुर्खाब के साथ ही कारमोरेंट, किंगफिशर को बहुतायत में देखा जा सकता है।
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सर्दियां बढ़ने के साथ ही यहां भी सुर्खाब और अन्य देशी-विदेशी पक्षियों का कलरव सुनाई देने लगेगा। वहीं, आसन कंजरवेशन रिजर्व में भी विदेशी मेहमान पक्षियों का कुनबा रोजाना बढ़ता जा रहा है। मालूम हो कि हर साल अक्तूबर माह में कई विदेशी परिंदे मीलों का सफर तय कर प्रवास के लिए आसन और डाकपत्थर बैराज झील में पहुंचते हैं। फरवरी तक करीब पांच माह यह परिंदे यहीं पर रहते हैं। ऐसे में अब जब सुबह और शाम के समय सर्दी दस्तक देने लगी है तो ये झील भी विदेशी परिदों से गुलजार नजर आने लगी है।
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विदेशी पक्षियों की मौजूदगी इन झीलों की सुंदरता में चार चांद लगा रही है। वन विभाग का कहना है कि दिसंबर तक बड़ी संख्या में ये विदेशी मेहमान आसन और डाकपत्थर के पानी के संसार में उतर चुके होंगे। परिदों की सुरक्षा के लिए गश्त भी बढ़ा दी गई है। डाकपत्थर बैराज झील में सुर्खाब के साथ ही कारमोरेंट, किंगफिशर को बहुतायत में देखा जा सकता है।
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