Uttarakhand Police: पहली बार ‘अभिनव’ प्रयोग, कार्यवाहक डीजीपी को मित्र पुलिस की कमान, पढ़ें ये खास बातें
आईपीएस अभिनव कुमार वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ डीजीपी उत्तराखंड का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण करेंगे। उनके पास इस वक्त मुख्यमंत्री के विशेष सचिव और एडीजी इंटेलीजेंस का भी चार्ज है
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में पहली बार पुलिस विभाग में नया प्रयोग हुआ है। डीजीपी अशोक कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद एडीजी अभिनव कुमार को कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया है। ऐसा पहली बार हुआ कि जब मित्र पुलिस की कमान किसी कार्यवाहक डीजीपी के हाथों सौंपी जा रही है।
वर्ष 1996 बैच के आईपीएस अभिनव कुमार बृहस्पतिवार को वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ डीजीपी उत्तराखंड का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण करेंगे। उनके पास इस वक्त मुख्यमंत्री के विशेष सचिव और एडीजी इंटेलीजेंस का भी चार्ज है। वर्तमान डीजीपी अशोक कुमार बृहस्पतिवार को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्हें विदाई देने के लिए पुलिस लाइन देहरादून में एक रैतिक परेड का आयोजन किया जा रहा है।
डीजीपी अशोक कुमार रैतिक परेड की सलामी लेंगे। डीजीपी अशोक कुमार का पूरे तीन साल का कार्यकाल रहा। उन्होंने 30 नवंबर 2020 को उत्तराखंड के ग्यारहवें डीजीपी के रूप में पदभार ग्रहण किया था। पुलिस लाइन देहरादून में बृहस्पतिवार को नवनियुक्त डीजीपी (कार्यवाहक) के तौर पर एडीजी अभिनव कुमार भी शामिल होंगे। इसके बाद पुलिस मुख्यालय में कार्यदिवस की समाप्ति के वक्त डीजीपी अशोक कुमार उन्हें चार्ज सौंपेंगे।
यूपीएससी ने डीजीपी के लिए किया था बदलावI
डीजीपी बनने के लिए जरूरी अर्हता के अनुसार प्रदेश में कोई 30 साल की सेवा पूरी कर चुका आईपीएस अधिकारी नहीं था। ऐसे में यूपीएससी ने डीजीपी के लिए इस नियम को बदलते हुए सेवाकाल संबंधी अर्हता को 25 वर्ष कर दिया था। इस नए नियम के दायरे में प्रदेश कैडर के कुल सात अपर पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी आए थे। इनका नाम यूपीएससी के पैनल में भेजने पर चर्चाएं हो रही थीं। लेकिन, अंतिम समय में सरकार ने इस पैनल को आगे नहीं भेजा। तब से नए डीजीपी के नाम पर असमंजस बना हुआ था। अंतिम समय तक नाम की घोषणा नहीं हुई थी। हालांकि, काफी दिनों से अभिनव कुमार के नाम पर ही मुहर लगने की चर्चाएं चल रही थीं।
ये भी पढ़ें...Dehradun: डीजीपी अशोक कुमार बोले- इस समस्या को दूर न कर पाने का रहेगा मलाल, तीन साल के कार्यकाल में किए ये काम
अब डीजीपी अशोक कुमार के सेवानिवृत्त होने से ठीक एक दिन पहले एडीजी अभिनव कुमार को कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने की घोषणा की गई है। प्रदेश में अब तक सभी 11 डीजीपी यूपीएससी के माध्यम से ही चुनकर आए थे। कार्यवाहक डीजीपी की व्यवस्था पहली बार की गई है। गृह विभाग के आदेश के अनुसार अग्रिम आदेशों तक उन्हीं के पास डीजीपी का अतिरिक्त पदभार रहेगा। अब आमचुनाव भी होने हैं। ऐसे में देखने वाली बात यह है कि यहां कोई पूर्ण डीजीपी आएंगे या फिर 2024 के आमचुनावों में भी कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी कार्यवाहक डीजीपी के पास ही रहेगी।